अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में शिक्षक संघ स्थगित होने के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने ऐतिहासिक पल आने से पहले चुनाव स्थगित करने पर प्रतिक्रिया दी है। साथ ही इस मामले में नदीम अंसारी ने राष्ट्रपति से शिकायत की है।
एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षक संघ का चुनाव जो 15 सितंबर को होना था, उसे अचानक रद्द कर दिया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। 1915 से लेकर आज तक कभी कोई महिला अध्यक्ष नहीं रही। यह एक ऐतिहासिक पल था। ऐतिहासिक पल को किन कारणों से समाप्त कर दिया गया, यह तो वह नहीं जानते हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है। एएमयू में डॉ. पंकज व डॉ. योगेश दो हिंदू भी कार्यकारिणी सदस्य निर्विरोध चुने गए थे। कुलपति ने अचानक से किन आधार पर और किनके प्रभाव में यह चुनाव रद्द किया है, यह जांच का विषय है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि यदि एक बार चुनाव प्रक्रिया आरंभ हो जाती है, तो बीच में नहीं रोका जा सकता है। अगर इस प्रकार चुनावी प्रक्रिया रद्द किया गया तो निश्चित मानिए देश में कोई चुनाव संपन्न नहीं होंगे। मैं शिक्षा मंत्री सांप्रदायिक विषयों के आने के कारण से घोर आपत्ति होनी चाहिए। इस पर केेंद्रीय शिक्षा मंत्री को हस्तक्षेप करना चाहिए, जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
अमुटा के अध्यक्ष बने चुके हैं तीन हिंदू
अलीगढ़। एएमयू शिक्षक संघ (अमुटा) के अध्यक्ष तीन हिंदू बन चुके हैं। एएमयू के प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि अमुटा के अध्यक्ष प्रो. एनसी साहा (1964-66), प्रो. पीसी बनर्जी (1974-76) और प्रो. वीएस रेखी (1976-78) रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. एमबी माथुर संयुक्त सचिव व प्रो. केपी सिंह सहित कई गैर-मुस्लिम शिक्षाविदें को अमुटा की कार्यकारी समिति के सदस्य रह चुके हैं।
महिला होना गुनाह है, राष्ट्रपति से की शिकायत : नदीम
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने कहा कि एएमयू शिक्षक संघ चुनाव स्थगित करने की वजह केवल एक महिला प्रोफेसर के अध्यक्ष को कुबूल नहीं करना है। उन्होंने कहा कि क्या महिला होना गुनाह है। इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रपति से शिकायत की है। देश में महिला राष्ट्रपति बन सकती है, लेकिन शिक्षक संघ की अध्यक्ष महिला प्रोफेसर नहीं बन सकती।