अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को शरदकालीन अवकाश के बाद 13 जनवरी को खोल तो दिया है, लेकिन अभी हॉस्टलों की डायनिंग सेवा शुरू नहीं हो सकी है। इसके चलते छात्र ढाबे और आसपास के होटलों पर खाने के लिए भटक रहे हैं। इससे उनका स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। स्थिति को लेकर छात्र नेताओं ने रोष जताया है।
10 किलोमीटर के रेडियस में फैले एएमयू कैंपस में 56 हास्टल हैं। जिसमें से 22 लड़कियों के लिए हैं। इन हॉस्टलों में 12158 विद्यार्थी पढ़ते हैं। (एएमयू में कुल 36665 विद्यार्थी पढ़ते हैं)। हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों के खाने की व्यवस्था वहीं डायनिंग हालों में रहती है। छात्रों को सुबह का नाश्ता, दोपहर का लंच और रात का डिनर दिया जाता है। अलग-अलग दिन अलग-अलग मेन्यू रहता है। 15 दिसंबर 2019 के बवाल के बाद विश्वविद्यालय में शरदकालीन अवकाश घोषित कर दिया था।
13 जनवरी को विश्वविद्यालय तो खोला गया, लेकिन डायनिंग व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। शोध छात्र मो. शिकोह कहते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन को यह सोचना चाहिए कि जो छात्र घर से यहां हास्टल में आ गए हैं, वह भोजन के लिए कहां जाएंगे। उनके परिचय क्षेत्र में कुछ छात्र हैं जिनका ढाबे, होटल पर खाना खाने से स्वास्थ्य खराब हो रहा है।
जब हास्टल में पूरी क्षमता से छात्र आ जाते हैं, या लगभग क्षमता के नजदीक होते हैं, तो डायनिंग को भी शुरू कर दिया जाता है। कुछ ही दिनों में सभी छात्र आ जाएंगे तो डायनिंग सुविधा भी शुरू हो जाएगी।
- प्रो. शाफे किदवई, एमआईसी, एएमयू