एएमयू बाब ए सैय्यद गेट पर छात्र छात्राओं के धरने पर पत्रकारों से वार्ता करते एडवोकेट असद हयात।
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15 दिसंबर को एएमयू में पुलिस के प्रवेश से पहले ही एएमयू प्रशासन 13 दिसंबर को पुलिस से सुरक्षा की मांग के लिए पत्र लिख चुका था। 15 दिसंबर को जो पुलिस की कार्रवाई हुई वह हद से भी ज्यादा थी। यह बात हाईकोर्ट के अधिवक्ता मो. असद हयात ने कही। असद हयात अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 15 दिसंबर को छात्रों के साथ हुई मारपीट की घटना में पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका की पैरवी कर रहे हैं।
बुधवार को मोअम्डन एंग्लो ओरियंटल कॉलेज के स्थापना दिवस के अवसर पर बाब-ए सैयद पर चल रहे धरने में संबोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें एडवोकेट असद हयात और राजनीति विभाग के प्रो. अर्शी खान ने भी संबोधन किया। उन्होंने सीएए और एनआरसी को वापस लिए जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। धरने पर ही पत्रकारों से बातचीत में असद हयात ने कहा कि पुलिस कैंपस में छात्रों पर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज करती रही। पीटती रही और एएमयू प्रशासन मूक दर्शक बना रहा। इसकी वजह यह थी कि सीएए, एनआरसी का विरोध खत्म हो जाए। क्योंकि एएमयू प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने पांच हफ्ते में मानवाधिकार आयोग को मामले की जांच करने के लिए कहा है। इस मामले में न्याय के लिए हम सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई बदले की भावना से उठाया गया कदम था। असद हयात बाब ए सैयद पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ चल रहे छात्रों के धरने पर भी बैठे।
आज मानव श्रंखला बनाई जाएगी
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बाब ए सैयद पर धरना बूंदाबांदी के बीच चलता रहा। धरना स्थल पर तिरपाल लगा दिया गया है। साथ ही स्लोगनों की एक पट्टी भी सड़क के इस ओर से उस ओर तक लगा दी गई है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने बताया कि प्रदर्शन के क्रम में ही बृहस्पतिवार को जन संचार विभाग से बाब ए सैयद तक एक मानव श्रंखला बनाई जाएगी।