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अलीगढ़ : मुस्लिम बुद्धिजीवी बोले- इमाम उमैर देशवासियों से माफी मांगें

सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी द्वारा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपिता और राष्ट्र ऋषि कहने पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, उनका इरादा मोहन भागवत की तुलना महात्मा गांधी से करना नहीं था।इमाम उमर इलियासी के पिता इमाम जमील इलियासी भी आरएसएस के करीबी रहे हैं। वह अपने फायदे के लिए आरएसएस प्रमुख के पीछे आ गए हैं, जो अच्छी बात नहीं है।-मौलाना हसन मोहम्मद, इमाम, एएमयूइमाम उमर अहमद इलियासी का बयान आएसएस प्रमुख को खुश करने वाला है, लेकिन वह भूल गए कि उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शान में गुस्ताखी की है।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी द्वारा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपिता और राष्ट्र ऋषि कहने पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। इनका कहना है कि इमाम इलियासी ने अपने निजी फायदे के लिए भले ही आरएसएस प्रमुख को खुश करने के लिए राष्ट्रपिता कह दिया हो, लेकिन उनके बयान से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान हुआ है।
उन्हें अपने इस बयान पर देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित मस्जिद में इमाम उमर अहमद इलियासी ने मोहन भागवत से मुलाकात की थी, जो उनके निमंत्रण पर आए थे। हालांकि, बाद में इमाम इलियासी अपने बयान से पलट भी गए। उन्होंने कहा, उनका इरादा मोहन भागवत की तुलना महात्मा गांधी से करना नहीं था।
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इमाम उमर इलियासी के पिता इमाम जमील इलियासी भी आरएसएस के करीबी रहे हैं। अपने संबंध के बुनियाद पर इमाम ने ऐसा बयान दिया होगा। ताकत की पूजा होती है, वह उसी ताकत के आगे झुक गए।
- प्रोफेसर मुफ्ती जाहिद अली खान, पूर्व अध्यक्ष सुन्नी थियोलॉजी, एएमयू।
मेरे समझ में यह बात बिल्कुल समझ में नहीं आती, जिस इमाम के पीछे लोगों की अनगिनत तादाद है। वह अपने फायदे के लिए आरएसएस प्रमुख के पीछे आ गए हैं, जो अच्छी बात नहीं है।
-मौलाना हसन मोहम्मद, इमाम, एएमयू
इमाम उमर अहमद इलियासी का बयान आएसएस प्रमुख को खुश करने वाला है, लेकिन वह भूल गए कि उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शान में गुस्ताखी की है। अपने बयान पर वह माफी मांगें।
- सैयद नादिर अब्बास नकवी, सेक्रेटरी, तंजीमुल अजा एएमयू
जिस तरह एक संतान के पिता एक होते हैं, उसी तरह एक देश का एक ही राष्ट्रपिता हो सकता है। मौलाना उमर इलियासी अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए ऐसा ओछा बयान दे रहे हैं।
- हाफिज चौधरी इफराहीम हुसैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय समाज सेवक संगठन
ये हैं विपक्षी दलों बोल--
- देश के राष्ट्रपिता तो एक ही हैं, वह हैं महात्मा गांधी। संघ प्रमुख काबिल-ए-एहतराम हैं। मगर उन्हें राष्ट्रपिता नहीं कहा जा सकता। रहा, सवाल मुलाकात का तो इससे मेलजोल बढ़ता है। मुलाकात में कोई हर्ज नहीं है। - जमीरउल्लाह पूर्व विधायक, सपा
- इस काम को अगर कोई कांग्रेसी करता तो अभी तक तुष्टिकरण की राजनीति करार दे दिया जाता। राजनीति किस तरह से की जा रही है, कुछ समझ नहीं आ रहा। किसी अन्य को राष्ट्रपिता कहा जाना न्याय संगत नहीं है। ये गलत है। - विवेक बंसल, राष्ट्रीय सचिव कांग्रेस
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- किसी को सम्मान देना, अपने निजी रिश्तों में मिलना या मिलने जाना अलग बात है। मगर राष्ट्रपिता कहना बिल्कुल उचित नहीं है। ये देखने में आता है कि अक्सर संघ प्रमुख सक्रिय हो जाते हैं और किसी न किसी मौके से पहले ऐसा होता है। अब क्या मौका आने वाला है, ये वही जानें। - मो.फुरकान, मेयर, बसपा
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