विपक्षी पार्षदों ने मुस्लिम, अनुसूचित बस्तियों व पिछड़ा वर्ग के क्षेत्रों में काम नहीं होने देने का आरोप लगाया। यहां तक कहा कि मेयर व नगर आयुक्त सुनते नहीं हैं। भाजपा पार्षद अनिल सेंगर ने समान रूप से काम होने का दावा करते हुए विपक्ष के आरोपों का विरोध किया। हंगामे के दौरान भाजपा के पार्षदों ने सपाइयों द्वारा टोपी लगाने का यह कहते हुए विरोध किया कि यहां राजनीति करने आएं हैं। ऐसे तो भाजपाई टोपी लगाकर आ सकते हैं। इस पर सपा पार्षदों ने अपनी टोपी उतार लीं। सपा पार्षद सदन में जन समस्या पर सुनवाई को अड़े थे। मेयर ने कहा कि जन समस्या पर सुनवाई 28 फरवरी को होगी। लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके कारण सदन अखाड़ा बन गया।
मेयर प्रशांत सिंघल पूरे समय इस बात पर अड़े रहे कि बजट पारित होगा। इसके बाद दूसरे विषय पर चर्चा होगी। मेयर ने कहा कि बजट पास नहीं होगा तो किसी के वार्ड में काम नहीं हो पाएगा। तब जाकर बजट पारित हो सका।
दूसरी बार सदन शुरू होते ही कुर्सियां तक फेंकी, पुतला फूंका गया
लंच के दौरान मेयर ने पार्षदों को समझाकर किसी तरह शांत किया और तय किया कि बजट के बाद फिर से बैठक होगी। इस पर भाजपाई पार्षद सहमत हो गए। जैसे ही लंच बाद बैठक शुरू हुई और बजट पर चर्चा होने लगी। यह देख सपाइयों ने फिर आपत्ति जताई। भाजपा पार्षद व उपसभापति कुलदीप पांडेय ने बजट पर बिंदुवार चर्चा की मांग की। भाजपा के पार्षद बजट पर चर्चा के लिए तैयार थे, मगर सपा, बसपा व कांग्रेस के हंगामे के चलते भाजपाई खेमा पार्टी लाइन पर एकजुट हो गया। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि यह तो पक्ष विपक्ष का मसला हो गया है। बस फिर क्या था, बिना चर्चा के बहुमत बल में मौजूद भाजपा के पार्षदों ने बजट पास कराने के लिए हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा पार्षदों का इशारा मिलते ही महापौर ने बजट पास करने की घोषणा कर दी। यह देख विपक्षी पार्षद दंग रह गए और नगर निगम के अफसरों व मेयर की तानाशाही व नगर निगम मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसी हंगामे के बीच राष्ट्रगान शुरू हो गया। राष्ट्रगान तक पार्षद शांत रहे और उसके बाद फिर कुर्सियों फेंकना और तोड़फोड़ शुरू कर दी। महिला पार्षदों ने मेयर की मेज को पलट दिया, बैनर फाड़ दिए। कैंप कार्यालय के बाहर नगर आयुक्त का पुतला फूंका। नगर निगम मुर्दाबाद के नारे लगाए।
मेयर बोले-तोड़फोड़ हंगामा नियम विरुद्ध
मेयर प्रशांत सिंघल ने कहा है कि पूर्व में सूचना देकर विशेष बजट अधिवेशन बुलाया गया। विपक्ष की मांग के अनुसार जनसुनवाई के लिए 28 फरवरी को बैठक बुलाने को कहा, लेकिन पार्षद नहीं माने। सदन नहीं चलने दे रहे थे। बजट पास कर दिया गया है। शहर का विकास होगा। रहा सवाल तोड़फोड़ हंगामे का तो इस पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जो कुछ हुआ है शासन व सदन की गरिमा के विपरीत हुआ है। इस मामले में नोटिस जारी किए जाएंगे।
विपक्ष का आरोप गलत है। प्रत्येक बुधवार को जनसुनवाई के लिए 40 पार्षदों की बैठक होती है। जो आते हैं, उनकी समस्या का समाधान होता है। बैठक में बेवजह विरोध किया गया। बात अगर समस्या समाधान की करें तो पार्षद संवाद में 338 शिकायतें आईं थी, जिसमें केवल 84 लंबित हैं। सदन में 675 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया गया है।-अमित आसेरी, नगर आयुक्त
ये रहे मौजूद
अपर नगर आयुक्त राकेश यादव, सचिव सचिवालय अशोक सिंह, उप नगर आयुक्त अमित कुमार, सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह, मुख्य अभियंता सुरेश चंद. महाप्रबंधक जल मो. अनवर ख्वाजा, देश दीपक, सतीश शर्मा, एहसान रब, तरुण मोहन पाठक, राजीव कुमार, डॉ. तरुण शर्मा, कुलदीप पाण्डेय, पुष्पेंद्र कुमार, अनिल सेंगर, संजय पंडित, शेरसिंह सैनी, योगेश सिंघल, स्नेह सिंह बघेल, राकेश ठाकुर, दिनेश भारद्वाज, मोहम्मद हाफिज़, नूर अब्बासी, मुशरर्फ हुसैन महजर, मो. असलम शबाना, असलम नूर, अंशु अग्रवाल, सुभाष चंद्र शर्मा, महावीर सिंह, नसी अहमद, आजाद सिंह, बॉबी कुमार, सुनील कुमार, पवन कुमार, नरेंद्र कुमार सैनी, रेनू सैनी, नदीम, विमलेश सिंह, पूनम, रीनू सैनी, रश्मि माहौर, लाल सिंह, पार्वती देवी, मोहम्मद शाकिर नईम अहमद अब्दुल मुतलिब मौजूद रहे।