पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन ने पूरी तरह मनमानी की है। नियमों के मुताबिक, कोई भी पुनरीक्षित बजट या नया बजट पहले कार्यकारिणी समिति में पास करवाना जरूरी है, उसके बाद ही बोर्ड में लाया जा सकता है।
अलीगढ़ नगर निगम बोर्ड की बैठक 28 फरवरी को हैबीटेट सेंटर में होगी, लेकिन इससे पहले ही पार्षदों में भारी आक्रोश है। बैठक में पुनरीक्षित बजट पर चर्चा कर उसे पास करने की तैयारी है, मगर पार्षद इसे खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला कदम बता रहे हैं।
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पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन ने पूरी तरह मनमानी की है। नियमों के मुताबिक, कोई भी पुनरीक्षित बजट या नया बजट पहले कार्यकारिणी समिति में पास करवाना जरूरी है, उसके बाद ही बोर्ड में लाया जा सकता है। लेकिन निगम ने इस नियम को ताक पर रख दिया और सीधे बोर्ड में पुनरीक्षित बजट पेश कर रहा है।
पार्षद पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि यह निगम की तानाशाही और लोकतंत्र का गला घोंटने वाला कदम है। कई पार्षदों ने खुलकर कहा कि अगर बैठक में नियमों का उल्लंघन हुआ तो वह जोरदार विरोध करेंगे। पार्षदों का गुस्सा इस कदर भड़का है कि बैठक हंगामेदार होने की पूरी संभावना है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि बोर्ड की बैठक 28 फरवरी को होनी है, जिसमें पुनरीक्षित बजट पर चर्चा होगी।