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अलीगढ़: विधानसभा पास लगी विधायक की स्कॉर्पियो थाने खिंचवाई, नाराज हुए छर्रा विधायक, बोले- शासन तक ले जाऊंगा

Thu, 22 Oct 2026 11:13 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह का एतराज इस बात पर भी था कि उनके रिश्तेदारों से कहा गया कि गाड़ी को सीज कर दिया गया है। इसको अदालत से रिलीज कराना। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी कौन सी कमी थी जिसकी वजह से पुलिस ने गाड़ी को सीज करने की बात कही।
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विधायक की गाड़ी - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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गाड़ी पर विधायक लिखा था। विधानसभा का अधिकृत पास भी लगा था फिर भी सारसौल में खड़ी स्कॉर्पियो को बुधवार रात पुलिस बन्नादेवी थाने ले आई। गाड़ी छर्रा विधायक ठाकुर रवेंद्र पाल सिंह की निकली। विधायक ने एसपी सिटी से नाराजगी जताई तो गाड़ी छोड़ दी गई। विधायक ने कहा है कि इस प्रकरण को वह शासन तक पहुंचाएंगे।

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गाड़ी को उठाए जाने पर बन्नादेवी थाने में बुधवार रात एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। दरअसल, एसपी सिटी आदित्य बंसल बुधवार को सीओ द्वितीय धनंजय और पुलिस बल के साथ शहर में पैदल गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सारसौल में विधायक लिखी स्कॉर्पियो खड़ी दिखाई दी। पुलिस ने गाड़ी खिंचवाकर बन्नादेवी थाने पहुंचवा दिया। गाड़ी के साथ मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया। थाने भी पहुंच गए मगर उनकी नहीं सुनी गई।

विधायक रवेंद्र पाल सिंह के मुताबिक, गाड़ी खैर निवासी उनके रिश्तेदारों के पास रहती है। उस पर लखनऊ से जारी विधानसभा का अधिकृत पास भी लगा हुआ है। आरोप है कि गाड़ी के साथ मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि गाड़ी विधायक की है लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। गाड़ी को थाने ले जाने का विरोध करने पर पुलिस ने चालक का मोबाइल भी छीन लिया।
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तब विधायक ने फोन पर एसपी सिटी से नाराजगी जताई। उस समय वह छर्रा क्षेत्र में रामलीला आयोजन में मौजूद थे। विधायक ने गाड़ी को इस तरह थाने ले जाने को जनप्रतिनिधि की गरिमा के खिलाफ बताते हुए मामला शासन तक पहुंचाने की बात कही।

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एसपी सिटी बोले, सत्यापन के बाद छोड़ी गाड़ी
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि गश्त के दौरान सारसौल में विधायक लिखी गाड़ी खड़ी मिली थी। गाड़ी के बारे में जानकारी की गई और सत्यापन कराया गया। इसके बाद गाड़ी छोड़ दी गई। यह एक सामान्य जांच की कार्रवाई थी।

थाना पुलिस ने कहा था कि गाड़ी सीज कर दी है, अदालत से लेना
विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह का एतराज इस बात पर भी था कि उनके रिश्तेदारों से कहा गया कि गाड़ी को सीज कर दिया गया है। इसको अदालत से रिलीज कराना। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी कौन सी कमी थी जिसकी वजह से पुलिस ने गाड़ी को सीज करने की बात कही। अगर गाड़ी सीज की गई थी तो अधिकारियों से फोन के बाद उसे किस आधार पर छोड़ा। गाड़ी सीज नहीं की गई थी तो पुलिस झूठ क्यों बोल रही थी। उन्होंने कहा कि आगामी दिशा बैठक और ऐसे ही मौके पर इन बातों को सभी के सामने रखा जाएगा।
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