मथुरा और अलीगढ़ के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी की उम्मीद फिर से जगी है। रेलवे प्रशासन ने दोनों शहरों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू करने की बात कही है। यह रेलवे लाइन मेंड़ू रेलवे स्टेशन के रास्ते मथुरा-कासगंज रेलखंड से जोड़ी जाएगी।
इसके बनने से दोनों शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। मथुरा सांसद हेमा मालिनी ने 14 सितंबर को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर मथुरा-अलीगढ़ रेल लाइन बिछाने की मांग उठाई थी। शुक्रवार को आगरा मंडल के सांसदों के साथ रेलवे अधिकारियों की बैठक में भी इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई, जिससे इस रेलवे लाइन के बनने की संभावना बढ़ रही है।
अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम और हाथरस सांसद अनूप प्रधान भी इसकी मांग उठा चुके हैं। आगरा मंडल के पीआरओ संजय गौतम ने बताया कि इसकी चर्चा बैठक में हो चुकी है, इस पर काम चल रहा है। जल्द ही निर्णय ले लिया जाएगा।
सर्वे के बाद तय होगा आगे का सफर
मथुरा-अलीगढ़ रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे इस परियोजना का अहम कदम है। इसके बाद ही रेलवे लाइन के निर्माण की मंजूरी, बजट और काम शुरू होने की समय-सीमा की जानकारी सामने आएगी। अब निगाहें रेलवे के फैसले पर टिकी हैं। इस सर्वे के बाद परियोजना को मंजूरी मिलती है, तो मथुरा और अलीगढ़ के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल सकती है।
मथुरा-अलीगढ़ के बीच 60 किमी की दूरी
मथुरा और अलीगढ़ की सीमाएं मिलती हैं, दोनों पड़ोसी शहर हैं। दोनों के बीच करीब 60 किलोमीटर की दूरी है, लेकिन सीधी रेल लाइन नहीं है। यात्रियों को सड़क या अन्य उपलब्ध साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। प्रस्तावित रेलवे लाइन बनने से दोनों शहरों के बीच यात्रा सुविधाजनक हो सकती है। खासकर रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को इसका ज्यादा लाभ मिलेगा।