जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा है कि सभी नगर पालिका और नगर पंचायतों में 15वें वित्त आयोग से मिली धनराशि का सदुपयोग विकास कार्यों को पूरा कराने एवं संसाधनों को विकसित करने के साथ ही बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने में करें।
डीएम ने कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को बैठक कर अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बनाए रखा जाए। निकायों के चेयरमैन से अपील की कि वे शासनादेश में दी ग व्यवस्थाओं के अनुरूप अधिक से अधिक प्रस्ताव बनवाएं, ताकि आगामी चुनाव के दौरान भी उन्हें जनता का प्यार मिल सके।
जिले की दो नगर पालिकाओं एवं 16 नगर पंचायतों के लिए 14.45 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। इस दौरान नगर पालिका एवं नगर पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगाते हुए विकास कार्य कराए जाने की अनुमति प्रदान की। डीएम ने चेयरमैन को समझाया कि टाइड फंड से विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य एवं अनटाइड फंड से संसाधन विकसित किए जा सकते हैं।
डीएम ने नगर निकायों में साफ-सफाई, सड़क, आवास, जल निकासी एवं जलापूर्ति को व्यवस्थित रखते हुए कार्य योजना लंबी अवधि को ध्यान में रखकर बनाने पर जोर दिया। एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने नगर पंचायतों में सड़क निर्माण, जल निकासी, पेयजल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित कार्य, नाला, नाली निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, हैंडपंप, पीने के पानी का जैविक उपचार जैसे कार्य कराए जाने के लिए स्वीकृति दी है।