जहरीली शराब कांड में अकराबाद के अधौन की शराब फैक्टरी का खुलासा होने पर उसके मालिक 50 हजार के इनामी हाथरस के हसायन निवासी शिवकुमार को पुलिस ने पकड़ा था। शिवकुमार ने मडराक के बढ़ौली फतेह खां से अवैध शराब भंडारण का एक ठिकाना पकड़वाया था। वह ठिकाना मदनगोपाल उर्फ कालिया पुत्र किशनलाल निवासी गांधी कॉलोनी एनआईटी फरीदाबाद हरियाणा हाल निवासी 5-एल 62 एनआईटी फरीदाबाद का ही था।
अलीगढ़ जहरीली शराब कांड में नकली शराब सिंडिकेट की एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 25 हजार का इनामी मदन गोपाल उर्फ कालिया दबोच लिया गया है। हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला यह शराब व केमिकल तस्कर अनिल चौधरी व ऋषि शर्मा के सिंडिकेट को पिछले दो दशक से अवैध शराब व नकली शराब बनाने के लिए केमिकल की सप्लाई देता था।
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इस दौरान उसने जिले में भी पांव जमाते हुए अपने कुछ रिश्तेदारों को ठेके दिलवाए और यहां अवैध भंडारण के ठिकाने तैयार किए। साथ में अवैध शराब फैक्टरी संचालन में भी साझीदार हुआ। उससे पूछताछ के आधार पर पिसावा में एक शराब फैक्टरी पकड़ते हुए पुलिस ने वहां से भी दो लोगों को दबोचा है। पकड़े गए मदनगोपाल पर हरियाणा में भी मुकदमे दर्ज हैं।
जहरीली शराब कांड में अकराबाद के अधौन की शराब फैक्टरी का खुलासा होने पर उसके मालिक 50 हजार के इनामी हाथरस के हसायन निवासी शिवकुमार को पुलिस ने पकड़ा था। शिवकुमार ने मडराक के बढ़ौली फतेह खां से अवैध शराब भंडारण का एक ठिकाना पकड़वाया था। वह ठिकाना मदनगोपाल उर्फ कालिया पुत्र किशनलाल निवासी गांधी कॉलोनी एनआईटी फरीदाबाद हरियाणा हाल निवासी 5-एल 62 एनआईटी फरीदाबाद का ही था।
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कालिया का नाम उजागर होने पर उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। तीन दिन पहले रिमांड पर लिए गए शराब माफिया ऋषि ने कालिया के विषय में सटीक इनपुट पुलिस को दिया था। इसी इनपुट के आधार पर रात पुलिस ने कालिया को दबोच लिया।
हरियाणा की तस्करी से सिंडिकेट में साझेदारी का सफर
पूछताछ में कालिया ने स्वीकारा कि वह दो दशक से अनिल, ऋषि, विक्रम आदि से जुड़ा है। अवैध शराब के कारोबार के शुरुआती दौर में वह इन्हें हरियाणा की शराब तस्करी के जरिये सप्लाई किया करता था। जब उसे लगा कि अलीगढ़ इस अवैध शराब सिंडिकेट का बड़ा हब है तो उसने खुद यहां आकर इनकी मदद से पांव जमाना शुरू किया और अपने साले व अन्य रिश्तेदारों को सासनी गेट व स्वर्ण जयंती नगर में इन्हीं लोगों की मदद से 2006 में ठेके दिलवाए।
जब यहां उसे ठिकाना मिल गया तो उसने इन लोगों के साथ नकली, मिलावटी शराब बनाने के धंधे में पांव जमाए और इन्हें हरियाणा से केमिकल की सप्लाई देना शुरू किया। बाद में उसने विपिन व शिवकुमार की फैक्टरी से बनने वाली शराब की सप्लाई जिले के अलावा बाहरी जिलों के ठेकों पर बेचने का धंधा शुरू किया।
इसके लिए उसने बढ़ौली फतेह खां में अपना अवैध भंडारण ठिकाना बनाया था। इस कांड के सुर्खियों में आने के बाद वह यहां से भाग गया था। उसके कब्जे से पुलिस ने एक विटारा ब्रीजा कार में दो पेटी देसी शराब आदि माल बरामद किया है। मदनगोपाल पर हरियाणा में भी शराब तस्करी आदि के आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
कालिया ने पकड़वाई पिसावा में फैक्टरी, दो दबोचे
पूछताछ में कालिया ने बताया कि शराब कांड सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने ज्यादातर अवैध ठिकाने व फैक्टरी पकड़ ली हैं। मगर पिसावा में अभी एक फैक्टरी चल रही है। इस सूचना पर रात में ही मडराक व पिसावा पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन करते हुए पिसावा के गांव नगरिया बिजना में रामवीर सिह पुत्र लेखराज सिह निवासी नगरिया विजना के नलकूप से अभियुक्त रामवीर सिंह व उसके साथी अवधेश कुमार पुत्र रामवीर सिह निवासी दमुआका पिसावा को दबोच लिया।
नलकूप से ही 6 पेटी मिलावटी गुड इवनिंग ब्रांड देसी शराब, 275 खाली पव्वा , 205 ढक्कन, 260 क्यू आर कोड, 190 रेपर, 1 प्लास्टिक की कैन में केमिकल 20 लीटर बरामद किया है। दोनों ने स्वीकारा है कि वे लंबे समय से यहां अवैध शराब बनाकर इलाके में सप्लाई करते थे। इसके लिए केमिकल मदनगोपाल ही लाकर देता था। इसके बाद पुलिस ने मदनगोपाल सहित तीनों को जेल भेज दिया।
ऋषि का एक और करीबी शराब तस्कर गिरफ्तार
ऋषि से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसके करीबी एक और शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया विक्रम सिंह कई कारोबारों में ऋषि का साझेदार है। विक्रम की गिरफ्तारी पिसावा पुलिस ने की है। पुलिस के अनुसार ऋषि से मिले इनपुट के आधार पर मूल रूप से तेजपुर जवां निवासी विक्रम सिंह पुत्र कुंवरपाल सिंह हाल निवासी 1/234 केशव नगर सुरेंद्र नगर थाना क्वार्सी को तलाशा जा रहा था। इसी बीच रात पिसावा पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस टीमें लगातार भागदौड़ कर आरोपियों की धरपकड़ में जुटी हैं। ऋषि से मिले इनपुट के आधार पर 25 हजार के इनामी मदनगोपाल व विक्रम की गिरफ्तारी में सफलता मिली है। इस तरह अब तक 75 करीब गिरफ्तारियां इस कांड में हो चुकी हैं। अन्य की तलाश जारी है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी