अलीगढ़ के खैर में लक्ष्मनगढ़ी-मऊ रोड पर खाली मैदान में सोमवार को 23 बंदरों के शव एक साथ मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। कुछ बंदर बेहोशी की हालत में भी मिले। पशु चिकित्सक के इलाज के बाद उन्हें होश आया तो वह उठकर भाग गए। इन शवों को पुलिस ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफन कराया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।
लक्ष्मनगढ़ी-मऊ रोड पर साईं आयुर्वेदिक कॉलेज के समीप एक मैदान में कुछ समाधि बनी हैं। वहीं पर सोमवार की सुबह यह बंदर मृत और बेहोशी हालत में मिले। इनकी संख्या 50 के करीब थी। लोगों की सूचना पर खैर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र पंवार, चौकी इंचार्ज अमित प्रताप मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पशु अस्पताल फोन कर चिकित्सकों को बुला लिया।
पशु चिकित्सक डॉ. मनोज व भगवान सिंह ने जांच की तो 23 बंदर मरे जबकि अन्य बेहोशी हालत में मिले। इलाज के बाद कुछ बंदरों को होश आया तो वह जंगल की ओर भाग निकले। मृत बंदरों के मुंह से खून निकल रहा था। डॉक्टरों ने दो बंदरों का पोस्टमॉर्टम कर कुछ नमूने भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।
इंस्पेक्टर धर्मेंद्र पंवार के अनुसार संभवत: बंदरों को पकड़ कर कोई बाहर से लाकर यहां छोड़ गया है। उनको पकड़ने के दौरान कुछ ऐसा खिलाया गया है जिससे मौत हुई है। चौकीदार की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।