मुख्यमंत्री शादी अनुदान योजना में अनुचित लाभ उठाने की आशंका जताई जा रही है। जवां क्षेत्र के एक लाभार्थी द्वारा गलत तरीके से योजना का लाभ उठाने दिया गया सामान वापस करा लिया गया है। साथ ही अन्य लाभार्थियों के हैसियत प्रमाण पत्रों व दस्तावेजों की जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक शादी अनुदान योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग करता है।
इस योजना में पात्र कन्याओं का चयन करने के बाद शादी में उनको 51 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। इनमें 35 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं। 10 हजार रुपये में गृहस्थी से जुड़ा सामान, छह हजार रुपये बरात के स्वागत-सत्कार, पुरोहित को बतौर दक्षिणा देने पर खर्च किया जाता है। जिले के 12 ब्लॉकों से पिछले दिनों पात्रों का चयन कराकर खैर रोड पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था।
इसी दौरान ब्लॉक प्रमुख जवां ने एक ऐसा मामला पकड़ लिया, जिसमें लाभार्थी अपात्र था। इस पर शादी में दिए गए सामान को वापस करा लिया गया। डीएम से इसकी शिकायत की गई थी। गड़बड़ी सामने आने पर डीएम ने चयनित लाभार्थियों की नए सिरे से जांच कराने के निर्देश दिए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि आवेदकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए विभागीय अधिकारियों को नामित किया गया है। तहसील स्तर से जारी आय व हैसियत प्रमाण पत्र के अलावा आवेदन में लगाए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है, गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के साथ धनराशि वसूली जाएगी।