न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़थाना अकराबाद क्षेत्र की पिलखना नगर पंचायत में चार साल पहले चंदे के पैसे से बनी मस्जिद को बेच देने का मामला प्रकाश में आया है। कस्बा पिलखना में करीब चार साल पहले मोहम्मद असलम नाम के व्यक्ति ने चंदे के पैसे से अपने खेत में मस्जिद का निर्माण कराया था। इस प्रकरण की जानकारी तब सामने आई, जब पिलखना नगर पंचायत में जांच के दौरान एक बैनामे में स्टांप चोरी का मामला सामने आया है।
थाना अकराबाद क्षेत्र की पिलखना नगर पंचायत में चार साल पहले चंदे के पैसे से बनी मस्जिद को बेच देने का मामला प्रकाश में आया है।
आरोप है कि मस्जिद का निर्माण नियम-कायदों का उल्लंघन कर किया गया था। अब मामला संज्ञान में आने पर प्रशासन ने इस प्रकरण में जांच और मस्जिद बेचने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
कस्बा पिलखना में करीब चार साल पहले मोहम्मद असलम नाम के व्यक्ति ने चंदे के पैसे से अपने खेत में मस्जिद का निर्माण कराया था। आरोप है कि मस्जिद निर्माण के बाद उसे बेच दिया गया है। आरोप है कि इसके बाद असलम यहां से फरार हो गया।
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आरोप है कि नियमों के तहत बिना शासन-प्रशासन की अनुमति के बिना किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। इसके बावजूद पिलखना में बिना अनुमति ही सड़क किनारे चंदे से मस्जिद बना ली गई। इसके बाद उक्त मस्जिद को बेच भी दिया गया। इस प्रकरण की जानकारी तब सामने आई, जब पिलखना नगर पंचायत में जांच के दौरान एक बैनामे में स्टांप चोरी का मामला सामने आया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट ने बताया कि प्रकरण बेहद गंभीर है। इस मामले में एसडीएम कोल संजीव ओझा को जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मोहम्मद असलम समेत मस्जिद बनाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया मामले में पता चला है कि मोहम्मद असलम ने अपने खेत में मस्जिद बनवाई थी।