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अलीगढ़ : हृदय रोग की डॉक्टर बनना चाहती हूं : जिजीविषा

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यूपी बोर्ड कक्षा 10 और 12 का रिजर्ल्ट आने के बाद चिरंजीलाल कन्या इंटर कॉलेज में सैल्फी लेकर खुशी मना? - फोटो : CITY OFFICE
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हाईस्कूल मेंजिले में तीसरा स्थान हासिल करने वालीं जिजीविषा वार्ष्णेय का सपना हृदय रोग की डॉक्टर बनना है। डॉक्टर बनने की वजह समाजसेवा करना है। इंसानों की जिंदगी बचानी है। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आगरा रोड की छात्रा जिजीविषा ने कहा कि स्कूल व कोचिंग के अलावा घर पर वह तीन घंटे रोजाना पढ़ती थीं।
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आगरा रोड स्थित साईं विहार फेज-2 निवासी लोकेश चंद वार्ष्णेय व पूनम वार्ष्णेय की बेटी जिजीविषा ने कहा कि उनके मामा डॉक्टर हैं। उन्हीं के नक्शेकदम पर चलना चाहती हैं। दो भाइयों से छोटी जिजीविषा ने कहा कि अपने कनिष्ठ विद्यार्थियों से कहा कि जो भी स्कूल में पढ़ाया जाए, उसे घर पर पढ़ें। जिजीविषा, व्यापारी नेता रहे ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय की पौत्री हैं।
मनोवैज्ञानिक बोलीं- नतीजे से उदास न हों छात्र-छात्राएं
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर में जो अनुत्तीर्ण हो गए हैं, वह उदास न हों, बल्कि रणनीति बनाकर परीक्षा के लिए तैयारी करें। सोच से ज्यादा से अंक आएंगे। यह कहना टीकाराम कन्या महाविद्यालय की मनोवैज्ञानिकों का है। मनोविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधुबाला ने कहा कि छात्र-छात्राओं से कहा कि जो हो गया है, उसे भूल जाइए अब लक्ष्य बनाकर तैयारी करें, सफलता अवश्य मिलेगी। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव ने कहा कि छात्र-छात्राएं अपने नतीजे से बिल्कुल परेशान न हों। अगर तनावग्रस्त होंगे तो आगे की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। इसलिए वह सकारात्मक बातें करें और सुनें।
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पुनर्मूल्यांकन के लिए 12 जुलाई तक होंगे आवेदन : डीआईओएस
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा से संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन के लिए 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि पुनर्मूल्यांकन के लिए 500-500 रुपये प्रति प्रश्नपत्र की दर से (लिखित व प्रयोगात्मक खंड के लिए अलग-अलग) निर्धारित है। इसकी जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थी आवेदित विषयों के लिए निर्धारित शुल्क चालान के माध्यम से राजकीय कोषागार में जमा करेंगे। साथ ही ऑनलाइन भरे आवेदन के विवरण को वेबसाइट से डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट के साथ जमा किए मूल चालान पत्र को उसके सत्यापन के लिए पंजीकृत डाक से परिषद के संबंधित कार्यालय को निर्धारित तिथि तक भेज दें। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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