ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की मैनेजर कुमुद के आत्महत्या के मामले में सोमवार देर रात पति नवीन उपाध्याय और ननद निधि शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद से पति और ननद दोनों फरार हैं। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने से पूर्व सोमवार की देर शाम पति ने नुमाइश मैदान स्थित श्मशान घाट में शव को मुखाग्नि दी थी।
मूल रूप से आगरा के कावेरी बिहार की रहने वाली कुमुद ने 10 साल पहले अलीगढ़ के रहने वाले नवीन उपाध्याय से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही पति-पत्नी में तनाव और गृह क्लेश शुरू हो गया था। रविवार की रात विवाद के बाद मैनेजर ने खुद को फंदे से लटका कर आत्महत्या कर ली थी। सोमवार की सुबह 9 बजे उनके आत्महत्या करने की बात सामने आई। मृतका के मायके वालों का आरोप है कि पति ने पहले भी कई बार कुमुद को जान से मारने का प्रयास किया गया था। मृतका की 6 वर्षीय बच्ची को उसके नाना नानी अपने साथ आगरा ले गए हैं।
बैंक शाखा सामान्य रूप से खुली, कर्मचारियों में रही चर्चा
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की नौरंगाबाद शाखा में मंगलवार को सब कुछ सामान्य था। बस कुछ दिन पहले तक यहां मैनेजर रहीं कुमुद नहीं थीं। कर्मचारियों के मुताबिक उनके चेहरे से कहीं भी ऐसा नहीं लगता था कि वह किसी तनाव या अवसाद में हैं। सोमवार को उनकी मौत के बाद बैंक की शाखा बंद रही थी। मंगलवार को शाखा में सामान्य रूप से कामकाज हुआ लेकिन सभी की जुबान पर एक ही चर्चा थी। सभी कर्मचारी कुमुद के सौम्य और शिष्ट व्यवहार के विषय में बातचीत करते रहे।
कलह की वजह लोन था?
बैंक मैनेजर कुमुद की आत्महत्या के मामले में मुख्य वजह उनके पति नवीन उपाध्याय का बैंक से लिए गए लोन को बताया जा रहा है। यह कितनी रकम थी और इसको वापस करने में किस प्रकार की समस्याएं आ रही थीं, इसकी जानकारी अभी पुलिस को नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यही वजह रही जिसकी वजह से बैंक मैनेजर ने अपनी जान ले ली या कोई अन्य बात जो अंदर ही अंदर उन्हें तबाह कर रही थी। मायके पक्ष के लोग सुसाइड नोट पर कुु मुद की लिखावट होने की बात को नकार चुके हैं।