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अलीगढ़: दुर्घटना में घायल गाय अस्पताल के बदले गोशाला में कैसे?

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बरौला बाईपास गोशाला में मृत गायें दुर्घटना में घायल थी। ऐसे में सवाल उठता है कि घायल गाय अस्पताल के बदले गोशाला में कैसे पहुंच गईं।
नगर निगम ने गोशाला का नाम ‘निराश्रित बेसहारा गोवंश आश्रय स्थल’ रखा है। मृत पाई गई 5 बेसहारा गायों को ठीक से देखने वाला मिल गया होता तो उनकी मौत नहीं होती। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि मृतक गायें दुर्घटना में घायल हुई थीं और उनका उपचार चल रहा था।
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गंभीर रूप से बीमार गायें भी दुर्घटना में घायल होकर गोशाला में पहुंची हैं। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त गायों का उपचार पशु चिकित्सालय में कराया जाता है। स्वस्थ होने के बाद वह गोशाला में आती हैं। वह इस बात की जानकारी प्राप्त करेंगे कि घायल गायों को कैसे गोशाला में लाया गया।
गायों की दयनीय हालत देखकर आक्रोशित हो गए लोग
अलीगढ़। नगर निगम के गोशाला में गायों की दयनीय हालत देखकर लोग आक्रोशित हो गए। लोगों का कहना है कि मृत गायों का पेट अंदर की ओर धंसा हुआ है। अधिकारियों के पहुंचने के बाद जब गायों को चारा-पानी मिला तो टूट पड़े। गंभीर रूप से बीमार कुछ गायों की हालत बेहद नाजुक है।
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जन्म-मृत्यु तो ईश्वर के हाथ में : गोशाला प्रभारी
अलीगढ़। बरौला बाईपास स्थित नगर निगम के गोशाला के प्रभारी महेंद्र सिंह का गायों की मौत के सवाल पर कहना है कि जन्म-मृत्यु तो ईश्वर के हाथ में है। वह यह भी नहीं बता पाए कि गोशाला में कितनी गायों की मृत्यु हुई है और कितनी गंभीर रूप से बीमार हैं। गायों की मृत्यु को वह दिनचर्या का हिस्सा मानते हैं। उनका कहना है कि यह सब चलता रहता है। यह भी कहा कि गायों की मौत् पर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। यह भी साफ-साफ नहीं बता पाए कि वहां किस स्टाफ की ड्यूटी थी और वह ड्यूटी पर मौजूद था या नहीं।
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