कहने को प्रदेश सरकार ने होमगार्डों के मेहनताने और मुआवजे को लेकर काफी कुछ किया, मगर अपने जिले का होमगार्ड दफ्तर अपना भवन न होने के कारण पिछले कई दशक से धक्के खा रहा है। अब क्वार्सी विनय नगर स्थित जिस भवन में होमगार्ड कमांडेंट का दफ्तर चल रहा है, वहां से भी खाली करने का आदेश न्यायालय स्तर से दिया गया है।
अदालत का साफ कहना है कि एक माह के अंदर इसे खाली कर दिया जाए। इससे पहले निरंजनपुरी में यह दफ्तर चलता था, वहां से भी इसी तरह अदालती आदेश पर भवन खाली हुआ था। वर्तमान में होमगार्ड जिला कमांडेंट का दफ्तर विनय नगर स्थित किराये के भवन में संचालित है।
इस भवन की मालकिन वंदना सिंह की ओर से न्यायालय में एक याचिका दायर की गई, जिसमें उल्लेख किया गया कि उन्होंने कमांडेंट दफ्तर अपने भवन में किराये पर देने के लिए 2008 से पांच वर्ष के लिए करार दिया। इसके बाद उन्हें किराया मिलता रहा। मगर नियत करार समय पर जब भवन खाली करने के लिए कहा तो भवन खाली नहीं किया गया। इसे लेकर नोटिस दिए गए तो उसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
इस याचिका की सुनवाई एडीजे तृतीय की अदालत में शुरू हुई। न्यायालय में विपक्षी की ओर से अपना तर्क दिया गया। कहा गया कि वे खाते में किराया जमा कर रहे हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों की जिरह व साक्ष्यों को सुनते हुए 16 मार्च को आदेश दिया है कि वे निर्णय की तारीख के तीस दिन के अंदर भवन खाली कर स्वामी याचिकाकर्ता को कब्जा दे दें, अन्यथा की स्थिति में वे खुद कब्जा लेने की अधिकारी होंगी और तब तक का किराया 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिया जाएगा।
इससे पहले करीब 40 वर्ष तक यह दफ्तर निरंजनपुरी में किराये के भवन में चला। चूंकि उस भवन के स्वामी जर्जर हो चले भवन की मरम्मत कराना चाहते थे, साथ में किराया भी बेहद कम मिल रहा था, इसलिए उन्होंने न्यायालय के आदेश पर ही भवन खाली कराने में सफलता प्राप्त की थी। इस बात की पुष्टि खुद निरंजनपुरी वाले भवन के स्वामी प्रवीननाथ शर्मा ने की है।
- यह सही है कि वर्तमान में हमारा कार्यालय जिस भवन में चल रहा है, उसके स्वामी को उसकी जरूरत है और वे खाली कराना चाहते हैं। इसके लिए वे न्यायालय की शरण में हैं। उसमें हमारी ओर से भी पक्ष दिया गया है, जिसमें पिछले दिनों तारीख नियत थी। मगर निर्णय क्या हुआ है, इसकी जानकारी नहीं है। न्यायालय का जो भी निर्णय हुआ है। उसके अनुसार उच्चाधिकारियों से निर्देश प्राप्त कर कदम उठाया जाएगा। - संदीप सिंह, कमांडेंट होमगार्ड।