आबकारी विभाग को ठहराया गया जिम्मेदार
जहरीली शराब से मौतों के लिए जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से शासन को भेजी गई संयुक्त रिपोर्ट में आबकारी को सीधे-सीधे जिम्मेदार ठहराया गया है। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ठेकों से इस तरह की शराब बिक रही है, यह बिना आबकारी की मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। इधर, शासन स्तर से भी इस सच्चाई की जानकारी के लिए आईबी की टीम यहां भेजी गई है। जो जांच पड़ताल कर सीधे लखनऊ को रिपोर्ट भेज रही है। ये टीमें घटना वाले गांवों से लेकर पोस्टमार्टम तक हर एक पहलू पर जांच कर रही है। शराब के सभी चर्चित कारोबारियों की कुंडली भी जुटाई जा रही है। इनके राजनीतिक कनेक्शन, संरक्षणदाता, अधिकारियों से संबंध पर भी जांच चल रही है।
रिमांड पर लिए गए रालोद नेता अनिल चौधरी
जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल रालोद नेता अनिल चौधरी व सहयोगी ठेकेदार नरेंद्र को पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर ले लिया है। रिमांड मंजूर होने के बाद उन्हें पुलिस टीम पूछताछ के लिए ले गई है। इस दौरान प्रयास किया जा रहा है कि उनसे इस रैकेट के एक-एक राज उगलवाए जाएं। साथ में फरार साथियों के विषय में भी पता लगाया जा सके।
एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार अनिल चौधरी व नरेंद्र का पुलिस कस्टडी रिमांड शनिवार को ही आवेदन कर उसे तीन दिन के लिए मंजूर करा लिया गया है। यह रिमांड रविवार से शुरू हुआ है और तीनों को पुलिस टीमें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई हैं। एसपी देहात शुभम पटेल की अगुवाई में लगातार पूछताछ चल रही है। इनसे वो हर राज उगलवाने का प्रयास चल रहा है जो इस रैकेट के संबंध में है।
दो थानेदार व दो दरोगा निलंबित
जहरीली शराब कांड में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जिले के दो थानेदार व दो दरोगाओं को और निलंबित कर दिया है। इनमें लोधा के बाद टप्पल क्षेत्र में सर्वाधिक मौतों को लेकर टप्पल इंस्पेक्टर व जट्टारी चौकी प्रभारी को निलंबित किया है। वहीं जिले में मौत का तांडव मचाने वाली फैक्टरी अकराबाद क्षेत्र में संचालित होने पर वहां के एसओ व निवर्तमान चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है। साथ ही एसएसपी ने साफ कहा है कि इस कांड में बिना सोये काम करने वाले और तगड़ी कार्रवाई करने वालों को बेहतर इनाम दिया जाएगा।