राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अनुसार शिक्षक 40 और 1 प्राचार्य कुल 41 शिक्षक पद होने चाहिए। वर्तमान में सिर्फ 8 शिक्षक, एक प्राचार्य व एक रीडर डॉ. पुनीत गौर की तैनाती है। जिसमें से डॉ. पुनीत को करीब सात साल से आयुष विश्विद्यालय गोरखपुर में सम्बद्ध हैं। प्रवक्ता के 12 पद में से नौ की तैनाती है। 12 रीडर में से एक की तैनाती है। 12 प्रोफेसर के पद होने चाहिए। मगर यहां सृजित नहीं है। प्रवक्ता डॉ. अमरीश कुमार निलम्बित चल रहे है। फार्मासिस्ट चंद्र शेखर तिवारी गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में सम्बद्ध है। कालेज में तैनात नौ प्रवक्ता में से एक डॉ. प्रियंका कौशिक ने त्याग पत्र तीन माह पहले ही दे दिया है।
कालेज में तैनात प्रवक्ता
- डॉ. दान सिंह
- डॉ. पुष्पराज
- डॉ. वेद प्रकाश
- डॉ. प्रियंका कौशिक
- डॉ. पूनम रानी
- डॉ. मधु गुप्ता
- डॉ. विष्णु शर्मा
- डॉ. सौरभ राठौर
- डॉ. शिवम कुमार
- प्राचार्य-राम आशीष यादव।
विभाग-प्रवक्ता के पद-रिक्त
- एनाटमी-2-1
- फिजोलॉजी-2-2
- मटेरियामेडिका-2-1
- आर्गनन में 2-1
- प्रैक्टिसो मेडिसिन- 2-1
हॉस्पिटल स्टाफ में 30 पदों के स्थान पर 19 तैनात
हॉस्पिटल स्टाफ में लगभग 30 पद हैं। जिसमें से 19 पर तैनाती है। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग भारत सरकार के अनुसार 8 हॉउस फिजिशियन, 2 मेडिकल ऑफिसर, 2 आवासीय चिकित्साधिकारी, 1 सर्जन, 1 बेहोशी का डॉक्टर, 1 महिला प्रसूति का डॉक्टर होना अनिवार्य है। मगर वर्तमान में 1 आवासीय चिकित्साधिकारी, 2 मेडिकल ऑफिसर, 1 हॉउस फिजिशियन की तैनाती है।