दिल्ली-अलीगढ़ रेलमार्ग पर ट्रेनों में आए दिन चोरी, लूट, मारपीट की घटनाओं को अंजाम देने के बाद आसानी से आउटर पर गाड़ी की चेन पुलिंग कर फरार होने वाले अपराधियों पर अब सीसीटीवी की निगाह रहेगी।
अलीगढ़ से गाजियाबाद तक 106 किमी. के रेलवे ट्रैक पर 50 खंभों को चिंह्ति किया गया है। इन सभी पर बजट आते ही कैमरे लगा दिए जाएंगे। जीआरपी और आरपीएफ ने मिलकर यह प्लान तैयार किया है।
दिल्ली-अलीगढ़ के बीच चलने वाली लोकल पैसेंजर सहित खुर्जा और गाजियाबाद वाया अलीगढ़ ठहराव वाली ट्रेनों में सबसे अधिक चोरी और लूट, मारपीट की घटनाओं को अपराधी अंजाम दे रहे हैं।
सीट को लेकर भी अक्सर इन्हीं गाड़ियों में मारपीट होती है। बेखौफ बदमाश बड़े आराम से ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट कर फ रार हो जाते हैं। बदमाश अलीगढ़ से पहले ही आउटर पर उतरकर भाग जाते। ऐसे में लूट की तमाम घटनाओं का जीआरपी खुलासा करने में नाकाम साबित होती है।
इससे परेशान रेल प्रशासन ने जीआरपी-आरपीएफ के साथ मिलकर प्लान तैयार किया है। इसमेें करीब 106 किलोमीटर मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। कैमरे लगाने का काम अप्रैल-2019 से शुरू होगा। इस पर रेलवे करीब 20 लाख रुपये खर्च करेगा।
हर दो किमी के दायरे में एक खंभे को कैमरे के लिए सुनिश्चित किया गया है। एनसीआर पीआरओ सुनील कुमार गुप्ता के मुताबिक यात्रियों और गाड़ियों की सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी लगाने का प्लान तैयार किया गया है। बजट जारी होते ही अप्रैल में इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।