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Aligarh Exhibition: सालाना जलसे का इंतजार खत्म, नुमाइश आज से, इस बार ये होगा नया

Sat, 01 Feb 2025 02:20 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

आधी अधूरी तैयारियों के बीच नुमाइश का शुभारंभ आज से हो रहा है। 31 जनवरी तक करीब 60 फीसदी दुकानें खाली पड़ी थीं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि अगले कुछ दिनों में सभी दुकानदार दुकानें लगा लेंगे।
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अलीगढ़ नुमाइश का मुख्य प्रवेश द्वार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पूरे वर्ष के इंतजार के बाद 1 फरवरी को नुमाइश का शुभारंभ हो रहा है। इसका विधिवत उद्घाटन 2 फरवरी को प्रभारी मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण करेंगे। शुरुआत से पहले 31 जनवरी को प्रशासनिक अधिकारियों ने कृष्णांजलि परिसर स्थित मंदिर पर हवन किया। जिलाधिकारी संजीव रंजन सहित अन्य अधिकारी पूजन में शामिल हुए।

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अधूरी तैयारियों के बीच शुरुआत
आधी अधूरी तैयारियों के बीच नुमाइश का शुभारंभ आज से हो रहा है। 31 जनवरी तक करीब 60 फीसदी दुकानें खाली पड़ी थीं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि अगले कुछ दिनों में सभी दुकानदार दुकानें लगा लेंगे। 31 जनवरी को पूजन कार्यक्रम में प्रदर्शनी कार्यकारिणी के सदस्य भी शामिल नहीं हुए। कुछ सदस्यों का कहना था कि उन्हें पूजन की कोई सूचना नहीं दी गई। 
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बदल दिया चौकियों का स्थान
नुमाइश में इस बार पुलिस चौकियों का स्थान बदल दिया गया है। लाल ताल चौकी को कालीन वालों की ओर लगाया गया है। जबकि नानवाई चौकी की जगह भी बदल दी गई है। इसके पीछे और दुकानों की जगह बनाई जा रही है। 

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यह होंगे इस बार नए आकर्षण

1-चार धाम यात्रा
नुमाइश मैदान में देव द्वार के पास चार धाम तीर्थ की प्रतिकृति तैयार की गई है। इसमें अंदर प्रवेश करके लोगों को चार धाम तीर्थ में पहुंचने जैसा अनुभव होगा। 
2- फिश टनल
इस टनल जैसी संरचना के अंदर जाकर दर्शक थाईलैंड, जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया की मछलियों का बेहद नजदीक से दीदार कर सकेंगे। बच्चों के साथ-साथ यह बड़ों के लिए भी आकर्षण का खास केंद्र होगा।  
3-पुस्तक मेला
साहित्य और पुस्तक प्रेमियों के लिए इस बार नुमाइश के दरबार हॉल में पुस्तक मेला का आयोजन किया गया है। यहां पर साहित्य, कहानी, संस्मरण आदि पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी। 
4- फ्लॉवर शो
फूलों की प्रदर्शनी भी इस बार देखने  वालों के लिए खास आकषर्ण होगा। पुष्प प्रदर्शनी के साथ ही प्रतियोगिता भी आयोजित होगी, इसमें अलग-अलग श्रेणियों में पुष्प उत्पादकों को पुरस्कृत किया जाएगा। 

नुमाइश का सफरनामा
  • सन 1880 में राजा हरनारायण सिंह पहल से अलीगढ़ डिस्ट्रिक्ट फेयर के नाम से अश्व प्रदर्शनी के रूप में शुरू हुई।  तत्कालीन कलक्टर मार्शल ने शुभारंभ किया। 
  • 1914 में कलक्टर डब्ल्यू एस मैरिस के समय दरबार हॉल का निर्माण कराया गया। 
  • 1929 में महात्मा गांधी दरबार हाल में आकर रुके। 
  • 1947- तक यह आयोजन राजा, नवाबों आदि के कैंप लगते और घुड़दौड़ आदि का आयोजन होता। आजादी के बाद इसके नाम और स्वरूप में बदलाव आया। 
  • 1952-कलक्टर केसी मित्तल ने जेल रोड पर मित्तल गेट बनवाया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यकारिणी गठित की गई। 
  • 1961-प्रदर्शनी का पूरा स्वरूप मिला और राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी नाम दिया गया। 
  • 1971-उच्च स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
  • 1985- नुमाइश परिसर में पक्की दुकानों का निर्माण किया
  • 1994-पक्की सड़कों का निर्माण किया गया
  • 1995- वोटिंग के लिए लाल ताल का निर्माण किया गया
  • 2000- नुमाइश गेस्ट हाउस का निर्माण किया गया
  • 2006-नुमाइश मुक्ताकाश मंच का निर्माण किया गया
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