अलीगढ़ नुमाइश के समापन कार्यक्रम में बड़े अधिकारियों और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के शामिल नहीं होने को लेकर चर्चाएं रहीं। कोई सांसद, विधायक, एमएलसी, मेयर व अन्य कोई जनप्रतिनिधि समापन कार्यक्रम में नहीं पहुंचा।
करीब 30 दिन चले आयोजन के बाद 3 मार्च को बेहद रस्मी तरीके से अलीगढ़ नुमाइश का समापन हो गया। समापन कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से सिर्फ दो अधिकारी एडीएम सिटी और सीओ बन्ना देवी शामिल रहे। जबकि नुमाइश कार्यकारिणी के सदस्यों में भी कुछ ही सदस्य शामिल रहे।
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कृष्णांजलि नाट्यशाला में हुए समापन कार्यक्रम में लखनऊ से आई नव अंशिका नृत्य नाटिका के कलाकारों ने संपूर्ण रामायण की नृत्य के माध्यम से प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में नुमाइश में लगे स्टाल, बिजली सजावट आदि के लिए पुरस्कृत किया गया। तहबाजारी ठेका व्यवस्थापन-कन्हैया वार्ष्णेय, बिजली सजावट के लिए बंसल इलेक्ट्रिक मुन्ना बंसल, फास्टफूड के लिए दीपक फास्टफूड, सॉफ्टी-भेलपूड़ी के लिए खन्ना सुपर सॉफ्टी, मिठाई के लिए संतराम नानखटाई, चूर्ण के लिए महेश अग्रवाल गोकुलेश को पुरस्कृत किया।
नुमाइश का की शुरुआत 1 फरवरी को हुई थी। 2 फरवरी को नुमाइश का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायण सिंह ने किया था। कार्यक्रम में नुमाइश ठेकेदार कन्हैयालाल, बिजली ठेकेदार मुन्ना बंसल,अशोक सक्सेना, राकेश सक्सेना, पंकज धीरज, मुबीन खान आदि मौजूद थे।
कार्यक्रम में नहीं पहुंचे बड़े अधिकारी, नेता
समापन कार्यक्रम में बड़े अधिकारियों और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के शामिल नहीं होने को लेकर चर्चाएं रहीं। कोई सांसद, विधायक, एमएलसी, मेयर व अन्य कोई जनप्रतिनिधि समापन कार्यक्रम में नहीं पहुंचा। इसको लेकर सवाल उठाए जाने लगे।