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महामारी के लंबे दौर के बाद नुमाइश की राहत

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दीपक शर्मा
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महामारी के लंबे दौर के बाद आयोजित हुई राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी उन सैकड़ों लोगों के लिए फायदे का सौदा साबित हुई, जिनकी पूरे वर्ष की आजीविका प्रदर्शनी पर टिकी हुई है । दुकानदार और कारीगर राहत महसूस कर रहे हैं।
पिछले एक वर्ष से अपने रोजगार के लिए पांच सौ से अधिक दुकानदार और इतने ही करीब फड़ लगाने वाले नुमाइश का शिद्दत के साथ इंतजार कर रहे थे। एक अनुमान के मुताबिक इन दुकानदारों पर 10 हजार मजदूर और कारीगर भी निर्भर हैं। इस वर्ष की राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी से ये लोग संतुष्ट नजर आ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि कोरोना काल में शहर के लोगों को मनोरंजन का कोई अवसर नहीं मिला था। जैसे ही नुमाइश का आयोजन हुआ लोगों ने पूरी तबीयत के साथ इधर का रुख किया।
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कहते हैं दुकानदार
महामारी के समय कहीं भी किसी प्रकार का आयोजन न होने के चलते कारोबार पूरी तरीके से बंद पड़ा हुआ था। हमसे जुड़े कारीगर और माल सप्लाई करने वाले परिवारों की भी हालत खराब हो रही थी। कुछ महीने तो गुजर बसर हो गई, लेकिन उसके बाद समय बहुत कठिन हो गया। नुमाइश के आयोजन ने न सिर्फ हमको बल्कि हमसे जुड़े लोगों को भी बहुत राहत दी है
सीताराम, सॉफ्टी व्यापारी, अलीगढ़ नुमाइश
महामारी के चलते जब सब कुछ बंद था। तब हमारे कारीगरों ने गुजर बसर के लिए कर्जा भी ले लिया था। इसके अलावा कोई भी काम धंधा नहीं होने से हमारे पास जो बचत थी वह भी लगातार खर्च हो रही थी। लग रहा था कि आगे के दिन और भी मुश्किल में आने वाले हैं। लेकिन अलीगढ़ की नुमाइश में एक बार फिर से जनजीवन को और व्यापार को पटरी पर लाने का काम किया है
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अतीक अहमद, जूस व्यापारी
सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई एक चुनौती थी : केके शर्मा
अलीगढ़। महामारी के चलते इस बार प्रदर्शनी का आयोजन करना एक बेहद जटिल कार्य था। नगर निगम के माध्यम से प्रशिक्षित व्यक्तियों को नुमाइश परिसर की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन का ठेका दिया था। ठेकेदार केके शर्मा कहते हैं कि सभी बातों को ध्यान में रखते हुए परिसर को बार-बार सैनिटाइज किया गया। साफ सफाई की विशेष व्यवस्था की गई। यही वजह रही कि लाखों की संख्या में लोगों के नुमाइश में आने के बाद भी कहीं से भी कोई असहज कर देने वाली बात सामने नहीं आई।
नुमाइश आंकड़ों की नजर में (स्रोत जिला प्रशासन)
- 541 स्थायी दुकानें नुमाइश परिसर में बनी हुई है
-100 से अधिक स्टॉल संस्थाओं के और औद्योगिक संस्थाओं के लगाए जाते हैं
- 400 से अधिक अस्थायी दुकानदार भी अपनी दुकान लगाते हैं
- 25 दिन औसतन नुमाइश की अवधि रहती है जो बाद में बढ़ाई जाती है
-14 लाख कुल दर्शकों के राजकीय प्रदर्शनी में आने का अनुमान जताया गया है
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