अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन ने पांच हजार निजी वाहन स्वामियों को वाहन अधिग्रहण के नोटिस भेजे हैं। नोटिस में कहा गया है कि अगर वाहन स्वामी संबंधित वाहन को चलाता है तो ड्राइवर के रूप में उसकी सेवाएं ली जाएंगी। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है।
दरअसल, चुनाव कार्य में लगे अधिकारी नई-नई गाड़ियों की डिमांड कर रहे हैं। अगर पुरानी गाड़ी उपलब्ध कराई जाती है तो अधिकारी उसे रिजेक्ट कर देते हैं। नए मॉडल वाली कारों व वाहनों की मांग होने के कारण ही ये नोटिस जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन पोलिंग पार्टियों से लेकर पीठासीन अधिकारियों, मजिस्ट्रेट, फोर्स के लिए वाहन उपलब्ध करा रहा है। प्रशासन ने जनपद में कुल 20 हजार वाहन स्वामियों को वाहन अधिग्रहण के नोटिस भेजे हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार के हल्के व भारी वाहनों का अधिग्रहण हो भी चुका है।
व्यावसायिक अथवा परमिट वाले वाहन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होने पर पांच हजार निजी वाहन (कार आदि) स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं। इनमें वह लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने गाड़ियां विगत पांच-छह वर्षों में खरीदी हैं। बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों के जरिये घर-घर से डाक वोट इकट्ठा किए जाएंगे।
नोटिस में कहा गया है कि गाड़ी अगर ड्राइवर चलाता है तो उसे अन्यथा की दृष्टि में वाहन स्वामी ड्राइवर के रूप में तय समय पर सेवाएं देगा। ड्राइवर का व्यवहार अच्छा नहीं है तो मालिकों को ऐसे कार्मिकों को बदलने की व्यवस्था करनी होगी।
कासिमपुर निवासी रजनीश कुमार दीक्षित ने बताया कि प्रशासन ने मेरी स्कॉर्पियो कार के लिए नोटिस जारी कर सात फरवरी को उपलब्ध कराने के लिए कहा है। मुझे ड्राइवर के रूप में सेवा देने के लिए भी कहा है। प्रशासन कैसे मेरी निजी गाड़ी का अधिग्रहण कर सकता है, अगर करता है तो मुझे बतौर ड्राइवर मौजूद रहना होगा।
एआरटीओ रंजीत सिंह ने बताया कि पहली प्राथमिकता टैक्सी परमिट वाहनों के अधिग्रहण की है। लेकिन पर्याप्त संख्या न होने के चलते पांच हजार निजी वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अगर वाहन मालिक गाड़ी नहीं चला सकते हैं तो इस संबंध में प्रार्थनापत्र देकर ड्राइवर रख सकते हैं।
लेकिन तय समय पर मालिक को वाहन उपलब्ध कराना होगा अन्यथा की दृष्टि में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 167 के तहत कार्यवाही अमल में लाने का प्रावधान है। जिसमें एक वर्ष कारावास या जुर्माना अथवा दोनों के दंड का प्रावधान है।