एएमयू सर्किल पर तैनात पुलिस कर्मी।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बंद होने के बाद भी वहां पर लगातार नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में धरना प्रदर्शन जारी है। जिससे विवि परिसर के आसपास लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है। इसके मद्देनजर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने यहां पर आरआरएफ, आरएएफ, पुलिस और पीएसी तैनात किया है।
एएमयू सर्किल से बाब ए सैयद गेट तक पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने इस संबंध में एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से शांति व्यवस्था बनाए रखने में विवि स्तर से सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने वीसी से कहा है कि जिले में धारा 144 लागू है, ऐसे में विवि बंद होने के बाद भी लगातार धरना प्रदर्शन होते रहना उचित नहीं है। इसे विवि इंतजामिया स्तर से ही रोका जाए। सूत्रों के अनुसार डीएम ने वीसी को इस संबंध में पत्र लिखा है। इस पर डीएम ने कहा है कि ये सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार होने वाली प्रशासनिक प्रक्रिया है। ये जारी रहेगी। जिला प्रशासन की प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। इस संबंध में एसएसपी से भी विधिक कार्रवाई करने को कहा गया है।
220 पाबंद लोगों में 82 ने मुचलके भरे
15 दिसंबर रविवार की रात एएमयू में हुए बवाल और उसके बाद जमालपुर से लेकर सिविल लाइंस तक हुए धरना प्रदर्शन को लेकर थाना क्वार्सी से 102 और सिविल लाइंस से 100 लोगों को पाबंद किया गया था। इन सभी को 107-16 में पाबंद किया गया था। अब सभी अपने अपने जमानत के लिए एक एक लाख का मुचलका जमा करा रहे हैं। इसमें सपा, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेता भी शामिल हैं। पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह, सपा के नेता सलमान शाहिद, पार्षद यामीन खान आदि शामिल हैं।
इनमें से मंगलवार तक क्वार्सी थाने के पाबंद 22 और सिविल लाइंस के 60 लोगों ने अपना जमानती मुचलका दायर किया है। जिन लोगों ने 24 को मुचलका जमा किया उनको 30 दिसंबर, 20 दिसंबर को मुचलका देने वालों को 26 दिसंबर और 21 को जमा करने वालों को 28 दिसंबर की तारीख दी है। जिसमें उनका पक्ष सुना जाएगा। ये सभी मुचलके अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में जमा हो रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में भी मुचलके भरे जा रहे हैं।