न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
कागजों पर भले ही जिला ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित हो चुका है, लेकिन यह हकीकत है कि अभी 10 फीसद घरों में शौचालय नहीं बन सके हैं। पिछले दिनों जिले में किए गए सर्वे में यह स्थिति सामने आई है। इसको लेकर विभागीय अफसर अब वंचित रहे परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की तैयारियों में जुट गए हैं।
सर्वे में सामने आई सच्चाई
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त बनाने को घर-घर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। देहात क्षेत्र में पंचायत राज विभाग, शहर में नगर निगम व नगर निकायों को इसका जिम्मा मिला है। नेशनल एन्युअल रूरल सैनिटेशन (नार्स) ने सर्वे कराया तो पता चला कि जिले की 867 ग्राम पंचायतों में करीब 2.64 लाख शौचालय बनाए गए हैं। सर्वे में करीब 10 फीसद परिवार ऐसे मिले हैं, जहां शौचालय नहीं बन सके हैं।
पंचायत सहायकों को सौंपी जिम्मेदारी
शासन ने जिले को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित कर दिया है। अब ओडीएफ क्लीनिक की शुरूआत की गई है। इस योजना में नए शौचालय आवंटन के साथ ही बेकार पड़े शौचालयों को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसका जिम्मा ग्राम पंचायत सहायकों को सौंपा गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ही ओडीएफ प्लस योजना संचालित की जा रही है। खैर ब्लाक की 79 ग्राम पंचायतों में एक साथ यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पंचायत भवनों पर ओडीएफ क्लीनिक का संचालन होगा।
यहां पंचायत सचिव, खंड प्रेरक व पंचायत सहायक मिलकर शौचालय से वंचित पात्र परिवारों की सूची तैयार कराने के साथ ही बने शौचालय की जिओ टैगिंग कराने में मदद करेंगे। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि शौचालय से वंचित पात्र परिवारों को शौचालय आवंटित कर लाभान्वित करने के लिए ही ओडीएफ क्लीनिक की शुरुआत की गई है।