240 मरीजों के सामने दो वक्त के खाने का संकट
इधर रसोई बंद होने से जिला अस्पताल में भर्ती 240 मरीजों के सामने दो वक्त के भोजन का संकट खड़ा हो गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को दोपहर करीब एक बजे और रात आठ बजे दाल, रोटी, सब्जी और चावल दिए जाते हैं। सीएमएस डॉ. जगवीर वर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने रसोई बंद कराई है। शनिवार को मरीजों के लिए खाने-पीने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अन्य सवालों का जवाब नहीं दिया।
फिर भी छह माह चलती रही रसोई, क्यों?
पहले रिपोर्ट में नमूने फेल हुए तो दूसरी रिपोर्ट आने तक रसोई बंद क्यों नहीं की गई? रसोई में गंदगी पहले से थी तो नियमित निरीक्षण में यह क्यों नहीं पकड़ी गई? मरीजों को खराब गुणवत्ता का भोजन परोसे जाने की जिम्मेदारी किसकी तय होगी? इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इन सवालों पर अस्पताल, खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने जवाब नहीं दिया।
हर बार शिकायत, कीड़े भी निकले
जिला अस्पताल के भोजन को लेकर पिछले एक वर्ष में आठ बार मरीजों ने शिकायत की है। दो बार अस्पताल परिसर में तीमारदारों का हंगामा भी हुआ। कभी दाल में पानी ज्यादा तो कभी सब्जी-रोटी बेस्वाद, इसी साल जनवरी में कीड़े तक मिले। इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र चीफ ने यहां तक आरोप लगाया कि अस्पताल में ब्लैकलिस्टेड फर्म से खाना बनवाया जा रहा था। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से अस्पताल प्रबंधन की जांच कराने की मांग की है।