दिवाली निकल गई, पर अलीगढ़ के जिला अस्पताल का बर्न वार्ड खोला नहीं गया। अस्पताल में पिछले तीन दिनों में पटाखों से झुलसे मरीज आए, लेकिन उनका इलाज करने के बजाय उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
दिवाली पर पटाखों से जले लोगों को बगैर उपचार के मलखान सिंह जिला अस्पताल से लौटा दिया गया। पटाखों से झुलसे 20 मरीजों को जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं, अस्पताल का बर्न वार्ड बंद मिला।
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पटाखों और आग से झुलसे मरीजों के लिए अस्पताल में बर्न वार्ड बनाया गया था, लेकिन उस पर ताला लटका मिला। मरीजों को वार्ड में भर्ती नहीं किया गया। अस्पताल में पिछले तीन दिनों में पटाखों से झुलसे मरीज आए, लेकिन उनका इलाज करने के बजाय उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। इससे मरीजों और परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पटाखों से मेरे मित्र का हाथ झुलस गया। उसे जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन उपचार करने के बजाय जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में इलाज की सुविधा होनी चाहिए।-योगेश, सासनी गेट
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पटाखा छोड़ते समय एक रिश्तेदार का हाथ का झुलस गया। उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी में लाए। यहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी ने जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए कह दिया।-संजीव, छावनी
आग से झुलसे मरीजों का उपचार अस्पताल में होता है, लेकिन गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। झुलसे मरीजों के आने पर बर्न वार्ड में खुलवा दिया जाएगा।-डॉ. जगवीर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल