मलखान सिंह जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में तीमारदारों की बीच घूमता आवारा कुत्ता।
- फोटो : CITY OFFICE
अपनी तकलीफ को कम करने की उम्मीद में मलखान सिंह जिला अस्पताल आने वाले मरीजों का सामना यहां पर कुत्तों, बंदरों और सांडों से होता है तो उनकी तकलीफ और बढ़ जाती है। यहां पर डाक्टरों के लिए घंटों का इंतजार रहता है और उसके बाद भी कुछ मरीजों को बिना उपचार के ही लौटना पड़ता है। यहां पर बच्चा वार्ड में कुत्ते घूमते हैं। परिसर में बंदरों का आतंक। सिगरेट, बीडी पीने पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है। गुरुवार को इसी के बीच जब डाक्टरों ने सीएमएस का घेराव करते हुए उनके साथ अभद्रता तक कर डाली तो मरीजों की तकलीफ और बढ़ गई।
बिहार में सरकारी अस्पतालों की दयनीय स्थिति सामने आने के बाद अमर उजाला की टीम गुरुवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंची। यहां पर देखा कि बच्चा वार्ड में बच्चों के बेड के पास कुत्ते घूम रहे थे। यही नहीं परिसर में भी कुत्ते बेखौफ घूम रहे थे। यहां पर बंदरों का झुंड भी था। कहने के गेट पर कैटल कैचर है लेकिन इसके बाद भी सांड परिसर में थे जो किसी पर भी हमलावर हो सकते थे।
अभी यह सब कैमरे में कैद किया ही जा रहा था कि पता चला कि डाक्टरों ने सीएमएस के कक्ष में घुसकर उनका घेराव कर लिया है। वजह थी कि डाक्टर नई प्रणाली से अपना आयकर रिटर्न भरने में इच्छुक नहीं थे। सीएमएस डॉ. रामकिशन के कक्ष में ही डाक्टर उनके साथ नोकझोंक करने लगे। इससे ओपीडी में मरीजों को देखने का काम ठप हो गया। सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि कुछ डाक्टर यह चाहते हैं कि उनके हिसाब से काम हो। लेकिन यह नहीं हो सकता। इसके अलावा कुछ डाक्टर अस्पताल में अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं। यही कारण है कि वह हंगामा और इस तरह की घटनाओं में शामिल रहते हैं।
मलखान सिंह जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में घूमता आवारा कुत्ता।- फोटो : CITY OFFICE