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नौ करोड़ रुपये के घपले में फंसे अलीगढ़ के डीएफओ

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जिले के वन विभाग में पौधरोपण के नाम पर नौ करोड़ का घपला हुआ है। इस आरोप की आंच जिला वन अधिकारी (डीएफओ) श्रीधर त्रिपाठी पर आ रही है। आरोप है कि वन विभाग में अधिकारियों ने एक प्राइवेट फार्म के साथ मिलकर खैर रेंज में कागजों में पौधरोपण करके सरकारी पैसे का बंदरबांट कर लिया। मामले की शिकायत होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य वन संरक्षक कैंपा योजना सुनील कुमार दुबे के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन करके जांच के लिए भेजा है। शनिवार से ही इन टीमों ने यहां डेरा डाल दिया है।
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रविवार को भी जांच टीमें जिला वन अधिकारी श्रीधर त्रिपाठी के घर से लेकर दफ्तर तक दस्तावेज खंगालती रहीं। साथ ही खैर रेंज में भी जाकर मौका मुआयना किया। जांच अधिकारी मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। इस जांच के शुरू होने के साथ ही जिला वन अधिकारी और चीफ कंजरवेटर मेडिकल लीव पर चले गए हैं।
शनिवार शाम को चार-चार सदस्यों की पांच टीमों ने शहर में डेरा डाला। टीमों ने शहर में आते ही एक होटल में अपना ठिकाना बनाकर जांच शुरू कर दी। रविवार सुबह से ही जिला वन अधिकारी श्रीधर त्रिपाठी के कार्यालय से लेकर घर पर बेहद गोपनीय तरीके से जांच की जा रही है। जांच टीम से जुड़े सूत्रों के अनुसार उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने 2018-19 में 6.55 लाख पौधे के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र अलीगढ़ और अतरौली रेंज में 3.55 लाख पौधे रोपे। बाकी के 3.30 लाख पौधे जो खैर रेंज के टप्पल, खैर, जट्टारी, गभाना, गोमत, चंडौस, पिसावा, हामीदपुर में रोपे जाने थे। उन्हें सिर्फ कागजों में रोपकर 156 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से दर्शाकर विभाग से साढे़ चार करोड़ रुपये का बिल पास करा लिया। इस मामले में वन रक्षक वेद प्रकाश और खैर की एक प्राइवेट हर्टीकल्चर फार्म पर भी मिलीभगत का आरोप है।
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टीमें इन दोनों के खिलाफ भी जांच कर रही हैं। इन जांच टीमों के आने के संबंध में जब चीफ कंजरवेटर बीके मिश्रा व डीएफओ श्रीधर त्रिपाठी से अलग-अलग बात हुई तो उन्होंने खुद के मेडिकल अवकाश पर होने की जानकारी देते हुए ज्यादा कुछ न बता पाने की बात कह दी। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर यहां वन विभाग में हुए गोलमाल के संबंध में जांच टीमें आई हुई हैं। यह टीमें शासन को ही अपनी रिपोर्ट देंगी। इससे ज्यादा जानकारी नहीं मिली है।
2019-20 में गड्ढा खुदाई के नाम पर चार करोड़ से अधिक का घपला
जांच टीमों की जांच की दिशा पर गौर करें तो खैर रेंज को ही एक बार फिर से घपलेबाजी के लिए निशाना बनाया और यहां चालू वित्तीय वर्ष में पौधरोपण के लिए 2019-20 में मिले लक्ष्य के सापेक्ष 15 लाख पौधों के लिए खैर रेंज में गड्ढे खुदवाना और उनमें खाद, जिप्सम सहित भरवाना दर्शा दिया है। इस पूरे खेल में अभी तक चार करोड़ रुपये से अधिक का गबन का आरोप है। दोनों ही वित्तीय वर्ष में हुए गबन के मामले की जांच को पांचों टीमें लगीं हुईं हैं।
-शासन के निर्देश के अनुसार टीमें अलीगढ़ जनपद में 2018-19 में हुए पौधरोपण के संबंध में जांच कर रही हैं। सोमवार को मैं भी वहां आ जाऊंगा और टीमों को जांच के संबंध में निर्देशित करूंगा। अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता।
- सुनील कुमार दुबे, मुख्य वन संरक्षक कैंपा योजना/जांच टीम के मुख्य अधिकारी
- पौधरोपण के लिए खोदे जाने वाले गड्ढों का सालाना निरीक्षण शासन स्तर की टीमों द्वारा होता है। उसी निरीक्षण के लिए शासन ने मॉनीटरिंग के लिए टीमें भेजी हैं। किसी गबन जैसी बात की कोई जानकारी नहीं है।
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- श्रीधर त्रिपाठी, डीएफओ
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