लाकडाउन के चलते पिछले ढाई माह से ठप पड़े विकास कार्यों को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। डीएम ने 12 नोडल अफसर नामित कर हर सप्ताह प्रत्येक ब्लाक के पांच गांवों के निरीक्षण करने के आदेश जारी किए हैं।
शुक्रवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह ने कहा कि लाक डाउन से प्रभावित विकास कार्य तेजी से पूरे किये जाने हैं। मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा ने बताया कि गांव-देहात में कराये जा रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने को 12 जिला स्तरीय अधिकारियों को विकास खंडवार नामित किया गया है। नोडल अधिकारी आवंटित विकास खंड के बीडीओ से समन्वय स्थापित करते हुए विकास खंड की 5-5 ग्राम पंचायतों का स्थलीय निरीक्षण एवं सत्यापन करेंगे। इसके अलावा भुखमरी से बचने के लिये एक हजार रुपये, बीमारी के लिये दो हजार रुपये एवं दाह संस्कार के लिये पांच हजार रुपये दिये जाने की पात्रता सूची तैयार किए जाने का भी परीक्षण करेंगे।
ये हैं नोडल अधिकारी
पीडी डीआरडीए सचिन- अकराबाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी मनीष वर्मा- अतरौली, जिला विकास अधिकारी जनार्दन प्रसाद यादव- बिजौली, जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानिया- चंडौस, जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा- धनीपुर, बीएसए लक्ष्मीकांत पांडेय- गोंडा, डीएसटीओ संजय- इगलास, डीपीआरओ पारूल सिसौदिया- जवां, सहायक निदेशक मत्स्य एजाज अहमद नकवी- लोधा, एआर कोऑपरेटिव- खैर, सहायक अभियंता लघु सिंचाई- टप्पल एवं सहायक जिला पंचायतराज अधिकारी- गंगीरी।
तहसील कोल में मत्स्य पालन पट्टा आवंटन 29 को
उप जिलाधिकारी कोल संजीव ओझा ने बताया कि तहसील कोल के 22 ग्रामों के तालाबों को मत्स्य पालन के लिए आगामी 10 वर्षों के लिये पट्टा शिविर का आयोजन 29 जून को किया जाएगा। पट्टे शेष बचने पर हर माह के प्रथम व तृतीय सोमवार को प्रात: 11 बजे से तहसील सभा कक्ष में तहसीलदार कोल की अध्यक्षता में शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पट्टा आवंटन 2500-5000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से किया जाएगा एवं 2 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल के तालाब व पोखर पंजीकृत मत्स्य जीवी सहकारी समितियों को 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आवंटित किये जाएंगे। इच्छुक पात्र व्यक्ति खसरा, खतौनी, जाति एवं आय प्रमाण पत्र के साथ 29 जून को आयोजित होने वाले शिविर में उपस्थित हों।