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अलीगढ़: इंस्टाग्राम पर मुनाफे का दिखाया सपना, 2.87 लाख लेकर गायब हुए साइबर ठग

Sat, 19 Sep 2026 10:10 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सूर्यांश आदित्य से इंस्टाग्राम निवेश विज्ञापन, टेलीग्राम ग्रुप और व्हाट्सएप मिलेनियम वेल्थ ग्रुप के जरिए 2,87,460 रुपये की साइबर ठगी, ठगों ने पहले 130 रुपये वापस लौटाकर भरोसा कायम किया फिर निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर कराकर वेबसाइट बंद कर दी।
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साइबर क्राइम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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इंस्टाग्राम पर निवेश का विज्ञापन... टेलीग्राम ग्रुप... फिर व्हाट्सएप का मिलेनियम वेल्थ ग्रुप । पहले महज 130 रुपये निकालकर भरोसा कायम किया और जब विश्वास पक्का हो गया तो निवेश के नाम पर 2.87 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद वेबसाइट बंद और ठगों का संपर्क भी गायब। साइबर ठगी का यह तरीका बन्नादेवी क्षेत्र के रहने वाले सूर्यांश आदित्य के साथ सामने आया है।

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पीड़ित के मुताबिक कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर निवेश से संबंधित विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन पर क्लिक करते ही उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। इसके बाद व्हाट्सएप पर मिलेनियम वेल्थ ग्रुप में शामिल कर निवेश के जरिए अच्छा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया।

130 रुपये लौटाकर कहा- देखिए, पैसा सुरक्षित है...
ठगों ने भरोसा जीतने के लिए पहले छोटा खेल खेला। पीड़ित ने निवेश प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांचने के लिए 130 रुपये निकालने का अनुरोध किया। रकम उसके खाते में आ भी गई। इससे उसे लगा कि वेबसाइट और निवेश की प्रक्रिया वास्तविक है। इसी भरोसे के बाद उसने बड़ी रकम निवेश कर दी। एफआईआर के अनुसार पीड़ित ने कुल 2,87,460 रुपये निवेश कर दिए। कुछ समय बाद निवेश वाली वेबसाइट बंद हो गई। इसके बाद दूसरे मोबाइल नंबर से एक नई वेबसाइट का लिंक भेजा गया। पीड़ित को कराटे ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा गया और कुछ समय बाद उसे व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
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साइबर पोर्टल पर भी शिकायत
सी ओ धनंजय कुमार ने बताया कि ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद बन्नादेवी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। मामले की विवेचना निरीक्षक नरेंद्र कुमार शर्मा को सौंपी गई है।

ठगी का पैटर्न भी सामने आया
इस मामले में ठगों ने पहले छोटी रकम वापस कर पीड़ित का भरोसा हासिल किया। इसके बाद बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया गया। रकम निवेश होने के बाद वेबसाइट बदल दी गई और अंततः संपर्क तोड़ दिया गया। पुलिस अब शिकायत में बताए गए मोबाइल नंबरों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और लेनदेन से जुड़े तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।

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