अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक विभाग में शोध कर रही छात्रा ने कुलपति को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर पति पर घर से बाहर निकाल देने का आरोप लगाया है। पत्र में मांग की है कि घर से निकालते समय उसका पासपोर्ट और थीसिस वहीं रह गए थे, उन्हें वापस दिलवाया जाए। इस मामले में थाना सिविल लाइन में मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है। पीड़ित महिला (पीड़ित महिला का अनुरोध है कि उसकी पहचान जाहिर न की जाए) का कहना है कि वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली हैं। उसका निकाह 2 वर्ष पहले एएमयू में एक विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम कर रहे युवक से हुआ था। शादी के बाद उसके एक बच्चा भी हुआ, लेकिन बच्चे के 10 महीने का होते ही उसकी मृत्यु हो गई। कुछ महीने पहले उसको उसके पति ने प्रताड़ित करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। अब पीड़ित महिला एक महिला हॉस्टल में रह रही है।
इस संबंध में थाना सिविल लाइन में मुकदमा भी दर्ज करा रखा है। उसके पति दूसरी शादी करने की योजना बना रहे हैं। पत्र में कुलपति से मांग की है कि वह इस प्रकरण में हस्तक्षेप करें और उसके दस्तावेजों को वापस दिलवाएं। साथ ही उसके पति पर विश्वविद्यालय के नियमों के मुताबिक कार्रवाई करें, जिससे कि उसका उत्पीड़न न कर सके।