अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र के श्रीनगर कॉलोनी गली नंबर 2 की 5 साल की पुष्पा 3 दिसंबर 2020 को दुनिया छोड़ कर चली गई। उसकी पहचान कुपोषित बच्ची के रूप में हुई थी। पुष्पा की 13 वर्षीय बड़ी बहन प्रीति का वजन 25 किलो 300 ग्राम है। वह मधुमेह से पीड़ित है। इनके पालक का कहना है कि कोरोना काल में हम कर्ज लेकर पेट पाल रहे हैं, पौष्टिक भोजन कहां से लाएं।
अलीगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 42 स्थित श्रीनगर कॉलोनी में प्रीति ही नहीं बल्कि पूजा, रेखा, दीप्ति, सेवकी और करन सहित कई बच्चों का वजन एवं लंबाई उम्र के हिसाब से बेहद कम है। महामारी एवं लॉकडाउन काल में पौष्टिक आहार न मिलने से ऐसे बच्चों की हालत पहले से ज्यादा खराब हुई है। घरों में बनने वाले भोजन पर नजर डालें तो दिल बैठ जाता है।
बच्चों के अतिकुपोषित एवं कुपोषित (सैम-मैम) होने के नियम बदल गए हैं। बच्चों को पहले पोषाहार के रूप में नमकीन व मीठी दलिया, पंजीरी आदि मिल रहा था। अब बंद हो गया है। उसके स्थान पर ड्राई राशन के रूप में गेहूं, चावल, दाल दिया जा रहा है या दिया जाएगा।- श्रेयस कुमार, डीपीओ