अलीगढ़ के दंपती ने दिया था मोदी को अवार्ड
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिलिप कोटलर अवार्ड देने वालों में अलीगढ़ के तौसीफ जियाउद्दीन एवं उनकी पत्नी अना शामिल थे। दोनों एएमयू के पूर्व छात्र हैं और अब सऊदी अरब में रहते हैं। अलीगढ़ कनेक्शन निकलने के बाद एएमयू एवं आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का बाजार गरम है। जारी चित्र में अना स्कार्फ बांधे हुए हैं जबकि उनके पति तौसीफ सूट पहले सबसे आगे खड़े हुए अवार्ड देते हुए दिख रहे हैं।
गत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिलिप कोटलर अवार्ड से सम्मानित किया गया था। जिस समय प्रधानमंत्री को यह अवार्ड दिया गया, उस समय अलीगढ़ के सर सैयद नगर (फ्रेंड्स कॉलोनी के समीप) निवासी तौसीफ जियाउद्दीन एवं उनकी पत्नी अना पुरस्कार देने वालों में आगे दिख रहे हैं। तौसीफ के पिता स्व. जियाउद्दीन सिद्दीकी एएमयू के वनस्पति विज्ञान से प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
तौसीफ एएमयू से पढ़ाई के बाद उच्च शिक्षा के लिए विदेश चले गए। वर्तमान समय में वह इंजीनियर है। वहीं उनकी पत्नी अना एएमयू के एमबीए डिपार्टमेंट से पीएचडी कर चुकी हैं। विभाग के शिक्षकों का कहना है कि वह बहुत अच्छी छात्रा रही हैं। वर्तमान समय में वह सऊदी अरब में अध्यापिका हैं। एएमयू उर्दू अकादमी के निदेशक डॉ. राहत अबरार ने बताया कि तौसीफ एएमयू से पढ़े हैं। उनके पिता एएमयू में प्रोफेसर थे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिलिप कोटलर अवार्ड मिलने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा तंज कसे जाने के बाद यह मामला चर्चा में है। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि यह अवार्ड अलीगढ़ की एक गुमनाम कंपनी द्वारा समर्थित है।