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अलीगढ़: फोन पर विवाद, फिर चले हाथ ...तब फायरिंग तक पहुंची बात

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गोली से घायल महेंद्र प्रताप सिंह उर्फ पिंका क्वार्सी स्थित एक प्राइवेट हॉस्पीटल में उपचार के दौ? - फोटो : CITY OFFICE
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भ ाजपा में सक्रिय पूर्व जिपं सदस्य गुटों में फायरिंग की घटना में तस्वीर पूरी तरह साफ है। पुलिस को भी सियासी गुटों की इस फायरिंग के सीसीटीवी फुटेज मिल गए हैं। बस उसमें चेहरे पहचानने और पिंका ठाकुर के गनर तक पहुंचने का काम बचा है।
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जो स्पष्ट हुआ है, उसके अनुसार पहले भाजपा नेता लालजी वर्मा व पूर्व जिपं सदस्य महेंद्र प्रताप उर्फ पिंका ठाकुर में फोन पर तू तू मैं मैं हुई है। इसी विवाद में दोनों में यहां तक बहस हो गई कि आमने-सामने आओ, तब बात करते हैं। कुछ ही देर में दोनों आमने-सामने आ गए तो नौबत मारपीट तक पहुंच गई और फिर फायरिंग हो गई।
अब सवाल खड़ा होता है कि इस विवाद की शुरुआत कहां से और कैसे हुई। इस विषय पर पुलिस जांच कर रही है। सीओ द्वितीय मोहसिन खान के अनुसार घटना को लेकर अब तक हुई जांच में साफ हुआ है कि जीटी रोड पर गांव भुकरावली भांकरी के आसपास हाल ही में पिंका ठाकुर ने एक स्कूल निर्माण के लिए जमीन खरीदी है।
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उसमें रास्ते को लेकर पिंका का लालजी से विवाद चल रहा है। क्योंकि जिस जमीन से रास्ता मिलेगा, वह लालजी की है। लालजी का आरोप है कि वह जबरन रास्ता चाहते हैं। लालजी ने रास्ता देने से इंकार कर दिया है। इसी बात पर दोनों पक्षों में अदावत चल रही है। बुधवार को शाम के समय लालजी तहसील में मौजूद थे।
तभी फोन पर पिंका से उनकी बात चल रही थी। इसी बातचीत में बहस बढ़ गई और नौबत फायरिंग तक पहुंच गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार मौके पर देर रात तक चली जांच में सीसीटीवी फुटेज के कुछ साक्ष्य हाथ लग गए हैं। जिसके आधार पर चेहरा पहचानने व गनर तलाशने का काम जारी है।
पिता को घेरकर पीटा और हमला बोला
लंबे समय से भाजपा में सक्रिय और राजीवर सिंह राजू भैय्या व पूर्व सीएम स्व. कल्याण सिंह के बेहद करीबी नेताओं में शुमार लालजी वर्मा, उनके पूर्व जिपं सदस्य पुत्र नरेंद्र वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर व मौखिक तौर पर दी जानकारी में बताया है कि लालजी तहसील में थे।
तभी पिंका का उनके मोबाइल पर दो-तीन बार फोन आया और जमीन न देने पर परिणाम भुगतने को तैयार रहने की धमकी दी। इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे जब वह गांव लौट रहे थे, तभी टागइर लॉक के सामने पिंका ने सामने से गाड़ी लगा दी। अपने दो गनर व ड्राइवर की मदद से उन्हें गाड़ी से खींच लिया और मारपीट कर दी।
इसी बीच खबर पर तत्काल उनके दोनों बेटे राजीव व नरेंद्र पहुंच गए। उन्होंने जब पिता संग बदतमीजी का विरोध किया तो फायरिंग कर दी। इससे राजीव के पैर में गोली लगी। इस पर सुरक्षार्थ जब लालजी ने अपनी रिवाल्वर से गोली चलाई तो पिंका जख्मी हो गया। किसी तरह तीनों पिता पुत्र वहां से जान बचाकर निकले।
भाई को घेरकर मारी गई गोली
भाजपा में सक्रिय पूर्व जिपं सदस्य जिले के कई दिग्गज भाजपा नेताओं के करीबी पिंका के बड़े भाई तेजपाल उर्फ रिंकू के अनुसार शाम करीब सवा छह बजे पिंका, अपने साले वेदप्रताप संग टाइगर लॉक से पैदल सड़क की ओर आ रहा था। तभी दो तीन गाड़ियों से आए हमलावरों ने घेरकर फायरिंग कर दी।
इसमें एक गोली पिंका के पेट में लगी, जबकि वेदप्रताप व अन्य बाल-बाल बच गए। इस दौरान हमलावर पिंका को मृत समझकर छोड़ भागे। इस फायरिंग में लालजी के अलावा उनके बेटे नरेंद्र, राजीव व सात-आठ अन्य अज्ञात आरोपी बनाए हैं। यह कहा है कि जिस वक्त घटना हुई, वह गांव से भाई के पास आ रहा था।
घटना से पहले लालजी ने बनाया वीडियो
इस घटना से कुछ मिनट पहले लालजी ने एक वीडियो बनाया, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल भी किया है। इस वीडियो में लालजी कार में बैठकर कह रहे हैं कि योगी जी ध्यान दें। यहां पैराई के कुछ ठाकुर लोग गुंडई कर रहे हैं। धमकी दे रहे हैं। मैं उनके दरवाजे पर ही खड़ा हूं। यहां कुछ भी हो सकता है। इस ओर ध्यान दिया जाए।
हमें दी गई धमकी, फिर किया गया हमला
ट्रामा सेंटर में पिंका ठाकुर के रिश्तेदार बिल्डर सुनील ठाकुर ने मीडिया को बयान देकर कहा कि इस झगड़े की मूल वजह तो साफ नहीं है। मगर इतना जरूर है कि दूसरे पक्ष ने पहले धमकी दी है और फिर हमला किया है। उनके द्वारा जो वीडियो वायरल किया जा रहा है, वह गलत है। उसमें ही वे धमकी भरे अंदाज में बात करते दिखाई दे रहे हैं।
पहले भी हो चुका है पिंका पर हमला
पिंका ठाकुर की जमीन को लेकर पहले भी कुछ अन्य लोगों से अदावत रही है। हालांकि कुछ साल पहले बरौली के मौजूदा विधायक ठा.दलवीर सिंह की पहल पर उस अदावत में समझौता हो गया और समझौते के आधार पर न्यायालयों में चल रहे मुकदमे भी खत्म हो गए।
इसी अदावत में पिंका पर पूर्व में करीब पांच साल पहले हमला हुआ था। उस समय गांधीपार्क क्षेत्र में उन पर हमला हुआ था। उस दौरान चलती कार में फायरिंग हुई थी। उस हमले में पिंका के छर्रे लगे थे और कई साथी जख्मी हुए थे। कार भी क्षतिग्रस्त हुई थी। इसी अदावत में पिंका पर भी दिल्ली में दूसरे पक्ष पर हमला कराने का आरोप लगा था।
दोनों ही पक्ष बरौली से रखते हैं ताल्लुक
इस घटना में शामिल दोनों पक्ष बरौली विधानसभा से ताल्लुक रखते हैं। पूर्व जिपं सदस्य नरेंद्र वर्मा ने जहां भाजपा ने बरौली सीट पर दावा ठोक रखा है। वहीं पिंका भी विधायकी चुनाव में सक्रिय रहते हैं। इस नाते दोनों से जुड़े समर्थकों का देर शाम तक अस्पताल व थाने पर जमावड़ा रहा। अस्पताल के बाहर भीड़ की वजह से पुलिस को एक साइड रास्ता बंद करना पड़ गया।
हथियार-लाइसेंसों की हो सकती है जांच
इस घटना में अब तक की जांच में सामने आया है कि लाइसेंसी हथियारों का प्रयोग हुआ है। किसके पास कौन से हथियार हैं और कितने लाइसेंस हैं, इसकी जांच पुलिस कर सकती है। इस दिशा में दोनों पक्षों से पुलिस की एक टीम ब्योरा जुटाने का काम कर रही है।
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