27 दिसंबर 2021 को गांधी आई तिराहा पर हुई सनसनीखेज संदीप हत्याकांड ने पुलिस को हिलाकर रख दिया था। सुराग के नाम पर कूड़े के ढेर पर तिनका तलाशने जैसा था। मगर सीसीटीवी ने जो कमाल किया। उसके बाद कड़ियां जुड़ती चली गईं और चंद दिनों में राज उजागर हो गया।
अब तक 12 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। मात्र प्रदीप की गिरफ्तारी शेष है। उसके साथ-साथ बड़ा लक्ष्य 29 मार्च से पहले इस कांड में चार्जशीट भी दायर करना होगा। जिसके लिए पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस कांड को चुनौती के रूप में स्वीकारते हुए एसएसपी कलानिधि नैथानी ने छह टीमें बनाईं।
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में काम कर रही इन टीमों की एसएसपी खुद हर दिन मॉनीटरिंग करते थे। 24 घंटे में पुलिस ने जो कुछ भी खोजा, उस पर मंथन के बाद अपने स्तर से नए टिप्स देते थे। इन्हीं सबकी बदौलत घटना के 24 घंटे में यह साफ हो गया कि हत्या क्यों हुई। फिर 29 दिसंबर को संदीप को मरवाने वाले अंकुश के ट्रांसपोर्टर पिता राजीव अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद एक-एक कर कड़ियां जुड़ीं और शूटर तक का नाम उजागर हुआ। हालांकि खुद इस कांड में बेहद करीब से जुड़े सीओ तृतीय बताते हैं कि अगर सीसीटीवी न होते तो शायद घटना का खुलासा करने में और समय लगता और शूटरों तक पहुंचना बेहद मुश्किल होता।
मगर सीसीटीवी ने पुलिस की इस घटना में बड़ी मदद की है। अब तक इस कांड में कुल 12 गिरफ्तारी हुई हैं। एक मात्र प्रदीप की शेष है। सीओ तृतीय के अनुसार उन्होंने इस कांड पर अलग से एक डायरी तैयार कर रखी है।
उसमें एक-एक साक्ष्य, एक-एक गतिविधि, एक एक बयान आदि का उल्लेख है। उसी अनुसार चार्जशीट भी तैयार कराई जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि प्रदीप की गिरफ्तारी चार्जशीट से पहले कर ली जाए। ताकि बाद में चार्जशीट का शेष हिस्सा देने का काम न बचे।
जेल में अलग-अलग दोनों गुट, कड़ी निगरानी
जेल में प्रवीन बाजौता व उसके विरोधी गुट के बीच हुए टकराव के बाद शनिवार को प्रवीन को दाखिल किया गया है। इसे लेकर दोनों गुटों को अलग-अलग और कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है। फिलहाल प्रवीन अलीगढ़ जेल में ही रुकेगा। अन्य औपचारिकताओं के बाद उसे कहीं अन्यत्र भेजे जाने पर निर्णय हो सकता है।