8 साल पहले चोरी हो गई बाइक का ई चालान पुलिस ने उसी बाइक स्वामी के घर पर भेज दिया, जिसने 8 साल पहले अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब मोटरसाइकिल का मालिक हैरान है कि उसकी चोरी हुई बाइक तो उसे मिली नहीं, ऊपर से चालान का झमेला और उसके सर पर आ गया। अब पीड़ित मोटरसाइकिल मालिक ई चालान को लेकर पुलिस अधिकारियों के ऑफिस के चक्कर काट रहा है।
सन 2012 में एलमपुर बगीची निवासी शिशुपाल सिंह पुत्र पदम सिंह ने अपनी पुरानी हो चली बाइक 22 हजार रुपए में नई बस्ती के रहने वाले शेरू को बेच दी। तय हुआ कि शेरू एक दो महीने में खरीदी हुई बाइक का पैसा शिशुपाल को दे देगा और इसी दौरान वह मोटरसाइकिल को अपने नाम ट्रांसफर भी करा लेगा। लेकिन इसके 1 महीने बाद शेरू बाइक को लेकर सासनी गेट स्थित बैंकट हॉल में एक शादी समारोह में गया। यहां से वह बाइक चोरी हो गई । इस बात की जानकारी बाइक के असल मालिक शिशुपाल को दी गई तो उसकी ओर से थाना सासनी गेट में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
इसके बाद शिशुपाल और शेरू दोनों ने ही कई बार थाने जाकर अपनी चोरी हुई बाइक के बारे में पता किया लेकिन उस बाइक का कहीं भी पता नहीं चला। इतना लंबा अरसा गुजर जाने के बाद अब बाइक के वापस मिलने की उम्मीद भी छोड़ दी गई थी। पिछले दिनों मामले में टर्न तब आया जब चोरी हुई इस बाइक का ई चालान शिशुपाल के घर पर पहुंच गया। अब इस ई चालान को लेकर शिशुपाल और शेरू पुलिस के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं।
चोरी के बाद सड़कों पर दौड़ती रही मोटरसाइकिल
जो ई चालान शिशुपाल को मिला है उसके फोटो में साफ देखा जा सकता है कि मोटरसाइकिल पर तीन युवक बैठे हुए हैं और यह चालान तीन सवारियों के बैठाने और बिना हेलमेट के बाइक चलाने के नियम का उल्लंघन करने पर किया गया है। इस चालान से साफ है कि चोरी किए जाने के बाद बाइक लगातार सड़क पर चलती रही। इसी शहर में चलती रही। इस दौरान वह कई बार वाहन चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों के सामने से भी गुजरी होगी, लेकिन कभी भी वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सकी । इस घटना ने पुलिस के वाहन चेकिंग करने की गंभीरता पर भी सवाल उठाए हैं।