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अलीगढ़ : बाईपास पर रोकी गईं बसें, शहर में भटकते रहे यात्री

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अलीगढ़ : भाजपा की जन विश्वास यात्रा के दौरान आगरा रोड में लगा जाम। जाम से जूझते रहे लोग। अमर उजाला - फोटो : CITY OFFICE
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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भाजपा की जन विश्वास यात्रा के चलते सोमवार को पांच घंटे तक रोडवेज बसों को शहर के बस अड्डों तक पुलिस ने आने नहीं दिया। ऐसे में यात्री बस अड्डों पर बसों के इंतजार में परेशान रहे। दोपहर में यात्रियों ने हंगामा शुरू किया तो अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया। दोपहर साढ़े तीन बजे बस अड्डों पर लाउडस्पीकरों से घोषणा की गई कि अगर बस पकड़नी है तो बाईपास की तरफ जाइए। शहर के बाहर बसें खड़ी हैं। इसके बाद यात्री ई-रिक्शा और ऑटो से बाईपास पहुंचे। इस आपाधापी में महिलाओं व बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हुई।
भाजपा की जन विश्वास यात्रा का रूट खैर बाईपास से शहर के अंदर था। यात्रा व शामिल होने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने रोडवेज बसों को शहर में घुसने से मना कर दिया। गांधी पार्क बस अड्डे पर कासगंज, बरेली, आगरा, एटा, कानपुर, लखनऊ, मैनपुरी रूटों पर जाने वाली बसों का यात्री सुबह साढ़े दस बजे से साढ़े तीन बजे तक इंतजार करते रहे। मसूदाबाद बस अड्डे पर चंडौस, अनूपशहर, मथुरा, मुरादाबाद की बसें नहीं पहुंची। जबकि सारसौल बस अड्डे पर नोएडा, दिल्ली, बल्लभगढ़ की बसें काफी देर से पहुंची। गांधीपार्क बस अड्डे का हाल तो यह था कि यहां सैकड़ों यात्री खड़े थे, लेकिन बस एक-दो ही आ पा रही थीं। सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे तक आगरा, एटा, बरेली, कासगंज के यात्री इंतजार करते-करते थक गए। इसके बाद जब लोगों ने हंगामा किया तो दोपहर साढ़े तीन बजे लाउडस्पीकर से बताया गया कि अगर बस पकड़नी है तो बाईपास पर जाइए। कई बसें खाली खड़ी हैं।
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बुजुर्गों व महिलाओं ने खड़े होकर तय किया सफर
गांधीपार्क बस अड्डे पर घंटों के इंतजार के बाद एक-दो बसें पहुंचीं तो उसमें चढ़ने के लिए होड़ मच गई। इन बसों का आलम यह था कि यात्री ठसाठस भरे थे। बुजुर्गों और महिलाओं ने खड़े होकर सफर तय करना उचित समझा। जबकि कई बुजुर्ग बस की सीढ़ियों पर बैठकर सफर करते दिखे।
आगरा की बसों में नहीं बैठाई गईं हाथरस-सादाबाद की सवारी
-गांधीपार्क बस अड्डे पर आगरा की एक बस पहुंची तो इसमें भीड़ घुस गई। परिचालक ने कहा कि हाथरस-सादाबाद की सवारी एक भी बैठनी नहीं चाहिए। हम आगरा का ही टिकट काटेंगे। कुछ लोग आगरा का टिकट कटवाने पर राजी हो गए। जबकि कई लोग और महिलाएं बस से उतर गईं।
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डग्गामार बसों ने की कमाई
- शहर के अंदर रोडवेज बसें नहीं घुस पा रही थीं। ऐसे में कुछ डग्गामार बसें यातायात पुलिस, परिवहन निगम और परिवहन विभाग की आंखों में धूल झोंककर शहर में दाखिल हो गईं। गांधीपार्क बस अड्डे से सारसौल बस अड्डे तक इन डग्गामार बसों और वाहनों ने सवारियों को बैठाया और मनमाना किराया वसूला। यात्रियों को वाहन न मिलने के चलते दोगुने रुपये तक खर्च करने पड़े। खास बात यह रही कि एक ओर डग्गामार वाहनों के लिए अभियान चलाया जाता है। लेकिन सोमवार को डग्गामार वाहन बेखौफ सवारियों को बैठा रहे थे।
- दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। आगरा की बसों में हाथरस के लिए बैठने नहीं दिया गया। कोई कुछ जानकारी भी नहीं दे रहा है। - ज्ञानप्रकाश, हाथरस।
- ढाई घंटे से एटा जाने के लिए गांधीपार्क बस स्टैंड पर खड़ा हूं। अब बस से गया तो रात में घर कैसे पहुंचूंगा। - ध्रुव सोलंकी, नगरिया एटा।
- सादाबाद के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा है। साढ़े तीन घंटे से गांधीपार्क बस अड्डे पर इंतजार कर परेशान हो गई हूं। - पिंकी उपाध्याय, मढ़ाका सादाबाद।
- हाथरस के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा है। जबकि एक बस में चढ़ने के लिए हुई धक्कामुक्की से टूटे हाथ में दर्द शुरू हो गया है। - संतोष देवी, गोबरा अलीगढ़।
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