राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रही महिलाओं के उत्थान की कड़ी मेें बीसी सखी नेहा कुलश्रेष्ठ का नाम जुड़ गया। कोरोना काल में पति की नौकरी चली जाने के बाद उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बीसी सखी के रूप में काम शुरू किया।
उन्होंने चंद महीनों मेें ही 27 लाख का बिजली का बिल जमा कराकर कमीशन के रूप में मोटी कमाई की। मंगलवार को प्रयागराज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में महिला सशक्तीकरण सम्मेलन में उन्हें इसका पारितोषिक मिला।
सम्मेलन में अलीगढ़ के बिजौली ब्लॉक की गांव बड़ेसरा निवासी महिला समूह की बीसी सखी नेहा कुलश्रेष्ठ ने भी अलीगढ़ की ओर से हिस्सा लिया। यहां उन्हें बीसी सखी के रूप में उत्कृष्ट काम के लिए सम्मानित किया गया।
इन्हें करीब डेढ़ मिनट तक प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिला। पीएम ने इनसे एनआरएलएम से जुड़ने के बाद जिंदगी में आए बदलाव को लेकर अनुभव साझा किया। नेहा ने बताया कि वह किस तरह बीसी सखी का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति प्रतीक गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे।
कोरोना के चलते पिछले साल उनकी नौकरी चली गई। इसके बाद वह गांव आ गए। अगस्त माह में उन्होंने महिला समूह की बीसी सखी का काम करना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने गांव गांव जाकर ग्रामीणों के बिजली बिल जमा कराते हुए कुल 27 लाख का बिल जमा करा दिया।
इसका उन्हें मोटा कमीशन मिला। वह हर रोज पूरे गांव में भ्रमण कर जरूरत पड़ने पर लोगों को पैसा भी उपलब्ध कराती हैं। पीएम ने उन्हें भविष्य में बेहतर काम करने के लिए शुभकामनाएं दीं।