शुक्रवार देर शाम घने कोहरे के कारण गांव बोरना के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए पायोनियर फ्लाइंग एकेडमी के विमान मामले में प्रशासन ने कंपनी के विमानों की उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन की रिपोर्ट नहीं आ जाती है।
धनीपुर मिनी हवाई अड्डे पर सक्रिय अन्य दो कंपनियों चेतक एवं एंबीशन कंपनी के प्रशिक्षु विमानों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है। शुक्रवार को क्रास कंट्री फ्लाइंग के लिए अलीगढ़ से मुरादाबाद गया पायोनियर फ्लाइंग एकेडमी का प्रशिक्षु विमान वीटी-एएमयू लौटते समय घने कोहरे में फंसकर 48वीं वाहिनी पीएसी के पास गांव बोरना के खेतों में दुर्घटनाग्र्रस्त हो गया था।
जांच के लिए डायरेक्टर जनरल सिविल एवीएशन की टीम शनिवार को आई थी। धनीपुर मिनी हवाई अड्डे के प्रभारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा ने बताया कि डीजीसीए से एप्रूवल के समय कंपनी के सामने शर्त रखी जाती है कि विमान दुर्घटना की स्थिति में जब तक डीजीसीए की रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक कंपनी के विमानों की उड़ान पर प्रतिबंध रहेगा।
इसी नियम के तहत कंपनी के प्रशिक्षु विमानों पर प्रतिबंध लागू किया गया है। कंपनी के मालिक एवं अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है।
वर्ष 2019 में आग का गोला बना था विमान
धनीपुर एयरपोर्ट पर संचालित फ्लाइंग क्लबों के विमानों के हादसों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। पिछले साढ़े तीन साल में शुक्रवार को यह चौथा हादसा था। अन्य तीन हादसों में दो बार एयरक्राफ्ट क्रैश हुए हैं तो एक बार यमुना एक्सप्रेसवे पर आपात लैंडिंग हुई थी। गनीमत यह रही कि किसी भी हादसे में जनहानि नहीं हुई है।