अलीगढ़ के अतुल हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी रामू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पिछले साल 10 मार्च में अतुल की हत्या हुई थी। ढाई सेकंड की कॉल रिकार्डिंग उम्रकैद का आधार बनी।
यूं तो भगवान नगर के अतुल उर्फ बादल की हत्या में कुल 8 गवाह और करीब 26 साक्ष्य पेश किए गए। मगर अतुल के मोबाइल में कैद मिली ढाई सेकंड की एक कॉल रिकार्डिंग आरोपी को दोषी ठहराने और उम्रकैद की सजा दिलाने के लिए एक मजबूत आधार बनी। वह थी अतुल की आवाज जिसमें वह कह रहा था...रामू मुझे मत मार।
विज्ञापन
दरअसल उस समय अतुल अपनी मंगेतर से फोन पर बात कर रहा था और पीछे से उस पर हमला किया गया था। इस रिकार्डिंग को अदालत में पेश किया गया। इसी साक्ष्य को सबसे मजबूत आधार मानकर रामू को दोषी करार देकर उम्रकैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
यह निर्णय सोमवार को एडीजे तृतीय राकेश वाशिष्ठ की अदालत ने सुनाया है। घटनाक्रम पिछले वर्ष 10 मार्च का है। सासनी गेट में वादी मुकदमा भगवान नगर निवासी रामपाल ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि उनका बेटा अतुल उर्फ बादल अपना कैफे चलाता था।
विज्ञापन
वैदिक विहार निवासी रामू ने अतुल से प्रिंटर और स्कैनर दिलाने के बहाने 1.70 लाख रुपये लिए थे। मगर उसने दिलाए नहीं। जब पैसे वापस मांगता तो वह देने में आना कानी करता था।
घटना वाली शाम रामू ने अतुल को पैसे देने के बहाने बुलाया और आगरा रोड पर बाबा नीम करौली धाम के पीछे ले गया। वहां पहले पीछे से ईंट से हमला किया। फिर कांच से गले पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बाद में उसे मृत जानकर भाग गया। इस खबर पर पुलिस व परिवार ने उसे क्वार्सी के ट्रॉमा सेंटर में भरती कराया। जहां 15 मार्च को उसे मृत घोषित कर दिया।
अतुल के सिर पर ईंट से किया था हमला
इस मामले में पुलिस ने रामू को हमले की धारा के मुकदमे में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में मृत्यु पर हत्या में मुकदमा तरमीम किया गया। रामू ने भी पुलिस पूछताछ में बताया था कि जिस समय उसने पीछे से अतुल के सिर पर ईंट से हमला किया था तब वह कान में लीड लगाकर मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था।
ऑटो रिकार्डिंग मोड पर था मोबाइल, रिकार्ड हो गई थी आवाज
इस मामले में मुकदमा लेखक सिपाही, वादी पिता, भाई, पड़ोसी, दो चिकित्सक व दो विवेचक गवाह बने। जिनकी गवाही कराई गई। इसके अलावा तमाम दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल से बरामद किया गया वह मोबाइल भी पेश किया गया। जिसमें हमले के ठीक पहले की खुद अतुल व उसकी मंगेतर की बातचीत रिकार्ड थी।
वह अपनी मंगेतर से कान में लीड लगाकर बात कर रहा था। मोबाइल जेब में रखा था। उसमें ऑटो रिकार्डिंग मोड लगा था। बस जब रामू ने पीछे से सिर में ईंट मारी तो अतुल ने मुड़ते रामू को देखकर यह कहा कि रामू मत मार। इसके बाद वह दूसरे हमले में गिर पड़ा। कॉल भी कट गया। अब इसी आवाज को सजा का बड़ा आधार माना गया।
मंगेतर से होने वाली थी शादी
अतुल की मृत्यु के बाद भीड़ ने शव हाथरस अड्डा पर बीच सड़क पर रखकर जाम भी लगाया था। तब मंगेतर भी वहां आई थी। तभी यह बात उजागर हुई थी कि उसकी आने वाले समय में शादी होने वाली थी।