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अलीगढ़ : एडीएम वित्त खैर नगर पालिका के प्रशासक नियुक्त

सार

इस मामले में पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ की ओर से खुद की जान को खतरा बताते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई, जब इसकी गहराई से जांच हुई तो उजागर हुआ कि चेयरमैन संजीव अग्रवाल द्वारा पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ व उनके पूर्व ब्लाक प्रमुख पुत्र दिवाकर गौड़ की हत्या की सुपारी बुलंदशहर के अपराधियों को दी गई है। इधर, चेयरमैन के जेल भेजे जाने के बाद ही जिला प्रशासन की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके आधार पर राज्यपाल की अनुमति के बाद निदेशालय नगर विकास अनुभाग के अनु सचिव महावीर प्रसाद की ओर से नगर पालिका खैर के प्रशासक पद पर एडीएम वित्त एवं राजस्व को नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। इधर, इस दौरान चेयरमैन के सभी अधिकार सीज रहेंगे और एडीएम वित्त उन अधिकारों से कार्य संचालन करेंगे।- खैर नगर पालिका के चेयरमैन के एक अपराधिक मामले में जेल जाने के कारण प्रशासनिक व्यवस्थाएं ठप हो गई थीं।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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खैर के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ व उनके बेटे दिवाकर गौड़ की हत्या की साजिश रचने और सुपारी देने के आरोप में जेल गए खैर नगर पालिकाध्यक्ष संजीव अग्रवाल बिंटू को एक और झटका लगा है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से एडीएम वित्त को खैर नगर पालिका का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। राज्यपाल की अनुमति के आधार पर यह फैसला लिया गया है। खास बात यह है कि इस दौरान चेयरमैन संजीव अग्रवाल के सभी अधिकार सीज रहेंगे। शासनादेश जिला मुख्यालय को मिलने की पुष्टि एडीएम प्रशासन ने की है।
सिंचाई विभाग की भूमि पर कब्जे की शिकायत के बाद यह मुद्दा सुर्खियों में आया था। इस मामले में पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ की ओर से खुद की जान को खतरा बताते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई, जब इसकी गहराई से जांच हुई तो उजागर हुआ कि चेयरमैन संजीव अग्रवाल द्वारा पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ व उनके पूर्व ब्लाक प्रमुख पुत्र दिवाकर गौड़ की हत्या की सुपारी बुलंदशहर के अपराधियों को दी गई है।
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इतना ही नहीं, चेयरमैन के कार्यालय में अपराधियों के ठहरने आदि के साक्ष्य भी पुलिस को मिले। इस आधार पर 30 अगस्त को खैर में इनकी गिरफ्तारी हुई और चेयरमैन सहित सुपारी लेने व मध्यस्थता करने वाले सभी अपराधियों को जेल भेजा गया। पिछले सप्ताह इस मामले में पुलिस द्वारा सभी पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई भी की गई है।
इधर, चेयरमैन के जेल भेजे जाने के बाद ही जिला प्रशासन की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके आधार पर राज्यपाल की अनुमति के बाद निदेशालय नगर विकास अनुभाग के अनु सचिव महावीर प्रसाद की ओर से नगर पालिका खैर के प्रशासक पद पर एडीएम वित्त एवं राजस्व को नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार अग्रिम आदेश तक एडीए वित्त प्रशासक नियत रहकर कार्य संचालन करेंगे। इधर, इस दौरान चेयरमैन के सभी अधिकार सीज रहेंगे और एडीएम वित्त उन अधिकारों से कार्य संचालन करेंगे।
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- खैर नगर पालिका के चेयरमैन के एक अपराधिक मामले में जेल जाने के कारण प्रशासनिक व्यवस्थाएं ठप हो गई थीं। स्टाफ का वेतन आहरित नहीं हो पा रहा था। अब यहां बेहतर तरीके से व्यवस्थाओं को सुचारू करने के लिए डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट को प्रशासक बनाया गया है। इस दौरान चेयरमैन के अधिकार सीज रहेंगे।
- डीपी पाल एडीएम प्रशासन
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