न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
कोरोना की जांच के लिए सरकरा द्वारा उपलब्ध कराई गईं एंटीजन किट के उपयोग में घोटाले के सुराग मिलने के बाद डीएम ने शहर में इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। शहरी क्षेत्र में तैनात जांच टीमों और यहां स्थित सरकारी अस्पतालों को अब इनकी सप्लाई जांच पूरी होने तक नहीं की जाएगी। संदिग्धों के सिर्फ आरटीपीसीआर सैंपल ही जांच को लिए जाएंगे। हालांकि देहात क्षेत्र में तैनात टीमों को किट की सप्लाई जारी रहेगी।
बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हुई कोरोना की समीक्षा बैठक में डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्र की किसी भी टीम को एक भी एंटीजन किट न दी जाए। उनके पास जितनी किट हैं, उनको भी जब्त कर लिया जाए।
इसके साथ ही कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम को निर्देश दिए कि वह पूर्व में एंटीजन किट से हुई जांच में निगेटिव पाए लोगों का ब्योरा तलब कर उसका सत्यापन कर इसी सप्ताह अपनी जांच रिपोर्ट दें। वहीं, एसीएमओ डॉ. अनुपम भास्कर को निर्देश दिए कि दिनांक 28.11.2020 से अलीगढ़ शहर में कोविड-19 की जांच के लिए आरटीपीसीआर सैंपल कितने लिए गए, उनमें से कितने लोग सक्रमित पाए गए, इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
कोरोना जांच टीम के साथ दो पुलिसकर्मी भी रहेंगे तैनात
कोरोना संक्रमित मरीजों के आवास के 200 मीटर दायरे में रहने वाले लोगों की जांच के दौरान जांच टीमों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएमओ ने बैठक में बताया कि कई बार टीमों के साथ अभद्रता हो चुकी है। इस पर डीएम ने एसएसपी से वार्ता कर हरेक टीम के साथ दो पुलिसकर्मियों की तैनाती का फैसला किया है। डीएम ने साफ तौर पर आदेश दिए कि अगर किसी व्यक्ति द्वारा जांच टीम के साथ सैंपलिंग को लेकर अभद्रता की जाती है तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
होम आईसोलेशन की व्यवस्था नहीं होगी सुचारु
कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए होम आईसोलेशन की जो व्यवस्था सरकार द्वारा लागू की गई है। उसे जिले में सुचारु नहीं किया जाएगा। डीएम ने बताया कि सितंबर माह में जिले में इस व्यवस्था पर रोक लगाई गई थी, जिसके सार्थक परिणाम सामने आए हैं। इसके चलते किसी भी कोविड मरीज को होम आईसोलेशन में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मरीज को हर हाल में सरकारी या प्राइवेट कोविड अस्पताल में जाकर आईसोलेट होना पड़ेगा।