यहां एयरबस-320 एवं बोइंग-737 जैसे सबसे बड़े विमान भी उतर सकेंगे। इसके साथ ही, इस एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए भी तैयार किया जा रहा है। पांच किमी लंबा रनवे भी तैयार हो रहा है। रनवे के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 675 एकड़ भूमि की मांग की है। इसमें से करीब 300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, जबकि 376 एकड़ भूमि का अधिग्रहण जारी है।
कारोबारियों को होगा लाभ
अलीगढ़ एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने से दूसरे शहरों को जाने वाले लोगों एवं कारोबारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और वे कुछ समय में ही बड़े शहरों का सफर तय कर सकेंगे। अभी तक हवाई यात्रा के लिए व्यापारियों को दिल्ली, आगरा, लखनऊ तक की दौड़ लगानी पड़ती है। यहां से जेवर एयरपोर्ट पर भी आसानी से आ जा सकेगें। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के स्तर से लाइसेंस जारी कर देने के बाद उड़ान के लिए निजी कंपनी फ्लाईबिग से अनुबंध किया गया है। पहले चरण में अलीगढ़ से लखनऊ तक विमान संचालन की तैयारी है। केंद्र सरकार उड़ान स्कीम के तहत हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित कर रही है।
प्रधानमंत्री की व्यस्तता को लेकर दो मार्च को प्रस्तावित अलीगढ़ एयरपोर्ट का उद्घाटन टल गया है। प्रधानमंत्री आठ से 10 मार्च के मध्य एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं। उड़ान के किराए एवं बुकिंग की शुरूआत को लेकर अभी उड्यन मंत्रालय व एयरलाइंस के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि उड़ान व टिकट बुकिंग के लिए काफी संख्या में लोग एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं। - एसएस अग्रवाल, अलीगढ़ एयरपोर्ट के विमानिक संचार प्रभारी अधिकारी