अलीगढ़ : एएमयू डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी में वेबिनार को संबोधित करते एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के क्रम में वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा एक आनलाइन अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें प्रख्यात वैज्ञानिक फ्रांसिस्को जे कोर्पस और यूके के डॉ. आशीष मलिक ने उन्नत फसलों और ऐसी फसलें, जिनका पर्यावरण पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता हो, के संबंध में अपने व्याख्यान दिए। इस वेबिनार का मकसद पर्यावरणीय परिस्थितियों में फसलों की उत्पादकता बढ़ाना था।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के कारण खेती की जमीन का क्षेत्रफल दिन प्रतिदिन सिकुड़ता जा रहा है। दूसरी ओर पर्यावरण परिवर्तन के कारण वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलाव से पैदावार भी कम हुई है। कुलपति ने कहा कि ऐसे में पादप वैज्ञानिकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। इससे देश के हर नागरिक को खाद्यान्न उपलब्ध हो सके।
स्पेनिश वैज्ञानिक प्रो. फांसिस्को जे कार्पस ने नाइट्रिक आक्साइड और उच्च पौधों में हाइड्रोजन सल्फाइड की भूमिका पर चर्चा की। इटली के शोधकर्ता प्रो. एड्रियानो सोफो ने भूमध्य सागरीय खेती की प्रजातियों में प्लांट, मिट्टी, सूक्ष्म जीवों की चर्चा की। डॉ. आशीष मलिक ने मिट्टी में कार्बन अनुक्रमों पर प्रकाश डाला। विभाग अध्यक्ष प्रो. नफीस अहमद खान ने उत्पादकता बढ़ाने और फसल उत्पादन को बनाए रखने के लिए विकसित देशों में किए जा रहे नए शोधों के विषय में जानकारी साझा करने के महत्व के विषय में बताया। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. हिसमुद्दीन और प्रो. अल्ताफ थे।