न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
महानगर के सिविल लाइंस इलाके में टेलर संग 1998 में हुई मारपीट के दोषियों को एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे विशेष एससीएसटी संजीव कुमार सिंह की अदालत से सुनाया गया है। 24 वर्ष पुराने इस मुकदमे में दो आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी चमन प्रकाश शर्मा के अनुसार घटना तीन अक्तूबर 1998 की है। सिविल लाइंस के अनुसूचित जाति के टेलर कुंवरपाल ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि एक दिन पहले जवां हैवतपुर के जय सिंह से कपड़े की सिलाई को लेकर विवाद हो गया था। इस पर जय सिंह उसे देख लेने की धमकी देकर चले गए थे। अगले दिन जय सिंह अपने गांव के यशपाल सिंह, भूदेव, रूपकिशोर व ख्यालीराम ने आकर मारपीट की।
बचाने आई पत्नी को भी पीटा। पुलिस ने थाना स्तर पर सुनवाई के बजाय उल्टा कुंवरपाल को ही शांति भंग में पाबंद कर दिया। बाद में 14 दिसंबर 1998 को कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। दौरान-ए-सत्र परीक्षण जय सिंह व भूदेव की मौत हो गई। अब साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अदालत ने शेष तीन आरोपी यशपाल, रूपकिशोर व ख्यालीराम को एकराय होकर मारपीट का दोषी करार देते हुए एक एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।