निजी चिकित्सालयों द्वारा आईएलआई एवं डायलिसिस के मरीजों की रिपोर्ट न भेजने पर अपर निदेशक स्वास्थ्य ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने जिला कंसल्टेंट को इन सभी चिकित्सालयों को प्रारूप भेजने के निर्देश दिये हैं। यही नहीं दीनदयाल अस्पताल में शुरू होने वाली एल-2 लैब के लिए जिला अस्पताल में तैनात माइक्रो बायोलाजिस्ट को दीनदयाल अस्पताल भेजने के आदेश दिये हैं।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिये गये कि संक्रमित होने वाले मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को कंट्रोल रूम में तैनात मेडिकल टीम अथवा मोबाइल टीम एचसीक्यू टेबलेट का वितरण करेंगी तथा उसके प्रयोग का तरीका बतायेंगे। अपर निदेशक ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला संयुक्त चिकित्सालय में एल-2 लैब क्रियाशील की जा रही है। अत: मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में सैंपलिंग के कार्य में संलग्न माइक्रो बायोलॉजिस्ट डा. वैभव गुप्ता को दीनदयाल चिकित्सालय में स्थापित होने वाली एल-2 लैब पर तैनात कर दिया जाय। उनके स्थान पर डीडीयू में तैनात डा. अमित सिंह को सैंपलिंग कार्य में लगाया जाय।
जिला क्वालिटी कंसल्टैंट ने बताया कि निजी अस्पताल आईएलआई एवं डायलेसिस के मरीजों की सूचना निर्धारित प्रारूप पर नहीं दे रहे हैं। अपर निदेशक ने उन्हें निर्देशित किया कि वे संबंधित अस्पतालों को एमएस एक्सल में प्रारूप भेजें तथा रिपोर्ट प्राप्त करने हेतु फालोअप करें। फिर भी कोई समस्या हो तो जिला सर्विलांस अधिकारी डा. अनुपम भास्कर से संपर्क किया जाए। उन्होंने कहा कि एल-1, एल-2 चिकित्सालय में भर्ती पॉजिटिव मरीजों को आ रही मानसिक समस्यायें, डिप्रेशन में राहत पाने के लिए काउंसलिंग की आवश्यकता है। इसलिए मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के मानसिक रोग प्रकोष्ठ में तैनात अंशू सोम, साइकेट्रिक सोशल वर्कर एवं पूजा कुलश्रेष्ठ, साइकोलॉजिस्ट मरीजों को टेेेलीफोनिक काउंसलिंग दें।