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अलीगढ़ : अर्घ्य अर्पण कर रहे स्वीकार करो हे सूर्य देव...

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अलीगढ़ : गोड़ा रोड पर छठ पूजा में उपस्थित महिलाएं। संवाद - फोटो : CITY OFFICE
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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व्रतियों के भर माथे पर सिंदूर सूर्यदेव की लालिमा की तरह प्रतीत हो रहा था तो दूसरी ओर सिर पर डाला लिए पुरुष घाट की ओर बढ़ रहे थे । व्रती गीत गाते हुए चल रही थीं। उनका आभामंडल दमक रहा था । छठी मैया की कृपा से तनिक भी महसूस नहीं हो रहा था कि वह लगातार 24 घंटे से निर्जला व्रत धारण किए हुए हैं। धरती पर दीपों से घाट जगमग हो रहे थे तो झालरों की लाइट से चारों ओर रोशनी बिखरी हुई थी। इसी के साथ व्रतियों ने अस्तगामी सूर्यदेव को अर्घ्य दिया । चारों ओर आतिशबाजी गूंज उठी। टीकाराम मंदिर बदरबाग कॉलोनी और गोंडा रोड में तो मानो लग रहा था कि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश आकर बस गया हो।
चार दिवसीय छठ महापर्व का रविवार को तीसरा दिन था । व्रती इस दिन अस्त होते सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं। इसलिए सुबह से ही अर्घ्य की तैयारियां शुरू हो गई थीं। सुबह व्रतियों ने पूजन किया । दोपहर होते ही डाला की तैयारी में लग गईं । डाला में सिंघाड़ा, मूली, सेब, अमरूद आदि रखा । केला की गेर ली। डाला को अच्छे से सजाया । शाम चार बजते ही घाट की ओर चलना प्रारंभ कर दिया । पुरुषों ने माथे पर डाला लिया ।
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साथ में परिवार के लोगों ने कंधे पर केले की गेर और गन्ना लिया । व्रती केलवा के पात, हे छठी मईया, कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए आदि गीत गाते हुए चल रही थीं । टीकाराम मंदिर में बनाए गए घाट के पास पहुंचकर महिलाओं ने डाला रखा। फिर मिट्टी के दीपों से वेदी सजाई। धूप दीप से मां का पूजन किया। पूरा घाट छठी मईया के गीतों से गूंज उठा। लालिमा लिए सूर्यदेव अस्त की ओर बढ़ रहे थे, तभी व्रती अर्घ्य के लिए खड़ी हो गईं। पुरुषों ने जल और दूध अर्पित किया। व्रतियों ने सूर्यदेव को अर्घ्य देकर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। शाम के समय सामूहिक अर्घ्य का नजारा देखते ही बन रहा था ।
घाट पर बिखरी अनुपम छटा
बदरबाग कॉलोनी में घाट पर अनुपम छटा बिखरी हुई थी। यहां लोगों ने झालरों से घाट को अच्छी तरह से सजाया था। व्रती ने जब दीपक जलाएं तो पूरा घाट जगमग हो गया। छठ मैया के गीत गूंज रहे थे। सूर्यदेव के अस्त होने से पहले महिलाएं डाला लेकर खड़ी हो गईं और उन्होंने सूर्यदेव को अर्घ्य दिया । पूरे परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की ।
जमकर हुई आतिशबाजी दीपावली जैसा दिखा नजारा
टीकाराम मंदिर, बदरबाग कॉलोनी एवं गोंडा रोड पर जमकर आतिशबाजी हुई । यहां दीपावली जैसा नजारा दिख रहा था। खासकर बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शाम सात बजे तक आतिशबाजी होती रही। छठ मैया के गीत पर बच्चे नृत्य कर रहे थे ।
शहर में कई जगह हुआ पूजन
शहर में धीरे-धीरे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की संख्या बढ़ने लगी है। इसलिए शहर में कई स्थानों पर छठ मैया का पूजन हुआ। कुलदीप विहार, एटा चुंगी, क्वार्सी, लाल डिग्गी, सासनीगेट, सारसौल, धनीपुर आदि क्षेत्रों में भी व्रतियों ने सूर्यदेव को अर्घ्य दिया ।
आज उदय होते सूर्य देव को देंगी अर्घ्य
सोमवार को उदय होते सूर्यदेव को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व पूर्ण हो जाएगा । तड़के तीन बजे ही व्रती परिवार के साथ घाट पहुंचेंगी। दीपक जलाकर छठ मईया का पूजन करेंगी। सूर्य देव के उदय होने पर उन्हें अर्घ्य देंगी। सभी के सुख समृद्धि और कल्याण की कामना करेंगी। इसी के साथ महिलाओं का लगातार 36 घंटे का निर्जला व्रत पूर्ण हो जाएगा। सभी को प्रसाद बांट कर व्रती फिर जल ग्रहण करेंगी। छठ मैया से कामना करेंगी कि अगले वर्ष फिर इसी तरह उन्हें पूजन का अवसर प्रदान करें । छठ महापर्व को लेकर लोगों में बेहद उत्साह देखा जा रहा है।
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सांगवान सिटी में छठ महापर्व की धूम
सांगवान सिटी में छठ पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ की गई। यहां गीता सिंह, रूबी सिंह, दीप्ति यादव, पल्लवी, प्रेरणा, अर्चना, आरती कटियार, आरती, आदि महिलाओं ने बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ छठ पूजन के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया छठ पूजा सूर्य भगवान के प्रति रखा जाने वाला एक अत्यंत कठिन व्रत है । यह चार दिवसीय पूजन अनुष्ठान और व्रत का अनूठा संगम है। भारतीय संस्कृति में इतना कठिन यह एकमात्र व्रत है।
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