प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल जिले के राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्य में देरी को लेकर निर्माणदायी संस्था हरियाणा की मेसर्स ईश्वर सिंह एसोसिएट कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर डीएम स्तर से पहली कार्रवाई हुई है। इस कंपनी पर 1.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है । यदि अब भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं आती है तो संस्था को काली सूची में डालने के साथ और भी कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों निर्माणाधीन भवन को आकर देखा था। उन्होंने निर्माण में देरी को लेकर अफसरों से कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी निर्माणदायी संस्था इस ओर ध्यान नहीं दे रही थी। प्रमुख सचिव कारागार राजेश कुमार सिंह ने कार्यदायी संस्था को दो शिफ्टों में कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने कहा था कि यदि काली सूची अथवा आर्थिक दंड से बचना चाहते हैं, तो मानव श्रम बढ़ाकर कार्य में तेजी लाएं। यह कार्य जून 2023 तक पूर्ण किया जाना है। साल भर में यहां अभी तक बमुश्किल 25 फीसद काम ही पूरा हो सका है, जबकि 33 फीसद कार्य पूरा हो जाना चाहिए था। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एमएच सिद्दीकी ने निर्माणदायी संस्था पर जुर्माने की हुई कार्रवाई की पुष्टि की है।
दो किस्तों में 35 करोड़ रु. आवंटित
विश्वविद्यालय निर्माण कार्य के लिए अब तक दो किस्तों में 35 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गयी है। इसमें से 27.96 करोड़ रुपये का उपयोग कर लिया गया है । 07.04 करोड़ की धनराशि शेष है, जिससे कार्य जारी है। अभी यहां प्रशासनिक एवं पुस्तकालय भवन के प्रथम तल के कॉलम का कार्य प्रगति पर है। शैक्षणिक भवन-1 और शैक्षणिक भवन-2 में भूतल के कॉलम एवं छत आदि का कार्य प्रगति पर है।
राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण में देरी को लेकर निर्माणदायी संस्था मेसर्स ईश्वर सिंह एसोसिएट कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर 1.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यदि अब निर्माण कार्य में तेजी नहीं आती है तो संस्था को काली सूची में डालने के साथ ही अन्य कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी